असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ चुनाव मैदान में महागबंधन में AIUDF सुप्रीमो बदरुद्दीन अजमल ने राज्य में पहले चरण का मतदान होने के बाद ऐलान किया है कि उनकी पार्टी 2 मई को परिणामों के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री को समर्थन देने को राजी है। उनकों किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। असमल ने कहा कि भाजपा के खिलाफ के महागबंधन की ताकत बहुत ही ऊंची है।

अजमल ने ट्वीट कर बताया कि  ''मुझे यह सुनकर बड़ी खुशी हुई कि कांग्रेस की अगुवाई वाली महाजोत पहले चरण में कम से कम 30 सीटें जीतेगी और AIUDF 2 मई के बाद कांग्रेस के सीएम को समर्थन देगी ''। इसी कड़ी में भाजपा नेताओं का मानना था कि मुख्यमंत्री के मुद्दे पर कांग्रेस के सामने AIUDF अपनी शर्तें रखेगी और अंदरूनी कलेश होंगे जिससे कांग्रेस कमजोर हो जाएगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने आरोप लगाया था कि ''कांग्रेस पर बदरुद्दीन का कंट्रोल है और अपनी कैंपेनिंग के दौरान सरमा ने मतदाताओं के सामने यह बात रखी कि कैसे कांग्रेस के प्रत्याशियों के पीछे बदरुद्दीन का चेहरा है ''। लेकिन बदरुद्दीन के ट्वीट के बाद भाजपा की जुबान पर विराम लग गया है और गठबंधन की अगुवा कांग्रेस चाहती है कि सीएम उसकी पार्टी से बने। दूसरे और तीसरे चरण के चुनाव में AIUDF के परिणामों का असर पड़ सकता है।