मिजोरम की लाइफलाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर शनिवार को चौथे दिन भी आवागमन रुका रहा। मिजोरम सरकार आवश्यक सेवाओं को कायम रखने के लिए मणिपुर और त्रिपुरा से पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस मंगवा रही है। उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद मिजोरम की असम से लगने वाली सीमा पर बुधवार से गतिरोध बना हुआ है। सीमा विवाद के चलते असम ने आवागमन रोकने का कदम उठाया है।

गुवाहाटी में असम सरकार के मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता हेमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि राज्य की अन्य उत्तर-पूर्वी राज्यों से लगने वाली सीमा का विवाद खत्म करना उनकी पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने में होने वाले असम विधानसभा के चुनाव के बाद केंद्र सरकार इस मसले को सुलझाने की प्रक्रिया शुरू करेगी। जबकि मिजोरम के खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री के लालरिनलियाना ने बताया है कि मणिपुर से दो ट्रक कुकिंग गैस सिलेंडर और पांच टैंकर ईंधन मंगवाया गया है। इसी प्रकार से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की मदद से त्रिपुरा से कुकिंग गैस और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने शनिवार को दूसरी बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये असम और मिजोरम के मुख्य सचिवों के साथ वार्ता की। उन्होंने दोनों मुख्य सचिवों से अनुरोध किया कि वे सीमा से अपने-अपने राज्यों के सुरक्षा बलों को हटाएं। वार्ता में असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण ने कहा कि कछार के उपायुक्त को सीमा पर बना गतिरोध दूर करने के लिए कहा है। जबकि मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआंगो ने कहा, उनके तरफ की सीमा पर थोड़े से पुलिसकर्मियों की तैनाती है।

यह तैनाती असम की ओर चल रही गतिविधियों को देखते हुए की गई है। इन गतिविधियों से शांति व्यवस्था को खतरा है। असम की ओर सीमा पर स्थिति सामान्य होते ही इन पुलिसकर्मियों को हटा लिया जाएगा। सीमा पर बने गतिरोध के चलते दोनों ओर सैकड़ों मालवाही वाहनों का जमावड़ा लगा हुआ है।