असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल (AHSEC) ने बिहू फेस्टिवल को हायर सेकेंडरी लेवल यानी ग्रेड 11 और 12 के पाठ्यक्रम से खत्म करने का फैसला किया है। इस मामले को लेकर राज्य में विरोध हो सकता हैं। 

बता दें कि असम की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान बिहू को खत्म करने का निर्णय उस समय आया है जब अधिकारी और हितधारक संस्कृतियों को संरक्षित करने के उपायों की शुरुआत कर रहे हैं।

 

गौर हो कि AHSEC ने पहले राज्य के एक स्वदेशी लोक नृत्य बिहू को 2020-21 शैक्षणिक सत्र के उच्च माध्यमिक पाठ्यक्रम के लिए एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किया था।

इस बीच, जिन छात्रों ने बिहू को चुना, उन्हें 100 अंकों के प्रश्न पत्र दिया गया, जिसमें सिद्धांत और व्यावहारिक परीक्षा शामिल थी।

संबंधित घोषणा एएचएसईसी द्वारा बिहू पाठ्यपुस्तकों की सामग्री पर काम करने और पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम पर निर्णय लेने के लिए कई बिहू विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के साथ एक कार्यशाला आयोजित करने के बाद की गई थी। हालांकि, एचएस पाठ्यक्रम से 'बिहू' को खत्म करने के अचानक फैसले से आम जनता में आक्रोश फैल गया है।