अंधविश्वास के तहत पांच साल की बच्ची की हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसके बाद असम की पुलिस सक्रिय हो मामले की छानबीन कर रही है और एक तांत्रिक को हिरासत में भी ले लिया है लेकिन मुख्य आरोपी की खोज जारी है। बच्ची पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। सोमवार रात गहरी नींद में सो रहे परिवार का फायदा उठाते हुए कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर बच्ची को अगवा कर लिया। उसके अगले दिन परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। 

असम के चाराइदेव जिले में एक अंधविश्वास का मामला सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि मामले में संदिग्ध तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। टी एस्टेट स्थित आवास से सोमवार रात  भाई-बहनों में सबसे छोटी 5 साल की मासूम को किडनैप किया गया था। मंगलवार को उसकी सबसे बड़ी बहन ने सेफराई पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज कराया। बच्ची का शव मंगलवार रात लाल कपड़े में लिपटा सिंगलु नदी से मिला। शव के साथ राख व अन्य चीजें भी थीं जो तांत्रिक विधि विधानों में इस्तेमाल की जाती है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने संदेह जताया कि यह मानव बलि जैसी कुप्रथा का मामला है। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले में एक साधक की गिरफ्तारी की गई है और मुख्य आरोपी प्रमुख तांत्रिक को पकड़ने का प्रयास जारी है। अधिकारी ने आगे बताया कि बच्ची के माता पिता से पूछताछ की जा रही है। बच्ची के पिता समेत 10 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इससे पहले भी आदिवासी बहुल चाय बागान में बलि देने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। वर्ष 2016 में इलाके के एक अन्य चाय बागान से चार साल की बच्ची लापता हो गई थी और कुछ दिन बाद उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था।