असम के करीमगंज सिविल अस्पताल (Assam's Karimganj Civil Hospital) में 20 बिस्तरों वाले आईसीयू (ICU) की शुरुआत कर दी गई है। इस प्रयास से कोरोना के रोकथाम में मदद मिलेगी। हालांकि इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया जाना था। लेकिन कोविड (covid-19) के बढ़ते मामले को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया। 

कोरोना के पहले वेब के दौरान 2020 में अस्पताल में आईसीयू को मंजूरी दी गई थी। जो अब बनकर तैयार हो गया है। करीमगंज के विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण यहां लगभग दो वर्षों तक आधा-अधूरा काम ही हो सका था। 

वहीं भाजपा विधायक कृष्णेंदु पॉल ने इन आरोपों का खंडन किया है, उन्होंने कहा कहा कि कोविड रोगियों की संख्या में वृद्धि के मद्देनजर आईसीयू को चालू कर दिया गया और अब जिले के लोगों को सभी सुविधाएं यहां प्राप्त होगी। 

बता दें कि साल 2020 में कोरोना के पहली लहर के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने करीमगंज सिविल अस्पताल में 20-बेड का ICU स्थापित करने की योजना बनाई थी। इस तथ्य के बावजूद कि एक आईसीयू के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया था। लेकिन इकाई दो वर्षों से अधिक समय तक अनुपयोगी रही। इस आईसीयू को सौंपे गए तीन तकनीशियनों को अंत में सिलचर मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि एसएमसीएच के प्राचार्य डॉ. बाबुल बेजबरुआ के मुताबिक इन तकनीशियनों को कुछ महीने पहले ही मुक्त किया गया था।

बता दें कि दिसंबर के अंत में करीमगंज के दौरे पर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ सचिव, अनुराग गोयल ने जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण को 10 जनवरी तक आईसीयू स्थापित करने का निर्देश दिया था। विशिष्ट वस्तुओं की कमी के कारण, जैसे धमनी रक्त गैस एनालाइजर, जो इस तरह के सेटअप के लिए आवश्यक हैं, की कमी की वजह से आईसीयू शुरू नहीं हो पा रहा था।