असम में लॉकडाउन के बीच शराब की दुकानें सरकार के आदेश पर खोली गई हैं। जैसे ही दुकान खुली तो लोगों में धक्का-मुक्की और लड़ाई होने लगी। वहीं कुछ युवतियों ने महिलाओं के लिए अलग कतार की मांग करते हुए हंगामा भी किया। शराब लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी। अपनी बारी के इंतजार में घंटों कतार में खड़े रहे। दुकानदारों ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए दुकानों के बाहर सर्किल बनाए गए थे। असम की सरकार ने शराब की सभी दुकानें, गोदाम, बॉटलिंग संयंत्रों, डिस्टिलरी और ब्रेवरीज को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक रोज खोलने की अनुमति दे दी है।


शराब के कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था ताकि सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन हो सके। शराब की दुकान के एक कर्मचारी ने बताया कि लॉकडाउन फिर से बंद की आशंका में लोगों ने 5-6 बोतलें खरीदी है। गुवाहाटी में शबरा की लत ने एक कमाल का इजात किया है, एक इंजीनियरिंग संस्थान के पूर्व प्रोफेसर ने कहा कि वह माइक्रोबेवरी में घर में ही चावल की बीयर बना रहे थे, जिसे उन्होंने अपने तकनीकी कौशल से बनाया है। जो कि वाकई दिलचस्प हैं।


जानकारी के लिए बता दें कि असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नेताओं से कहा कि हर क्षेत्र निरंतर सतर्कता बनाए रखने और सरकार की सूचना को किसी भी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए तत्पर रहें। इसी के साथ जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि विशेष रूप से लॉकडाउन अवधि के दौरान अनियंत्रितों की सेवा करें। इसी के साथ कोरोना से लोगों को बचाने में लगे सफाई कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और एम्बुलेंस चालकों को धन्यवाद दिया है। कहा कि ये हैं देश को सबसे बड़े फाइटर।