देश में हर राज्य पर्यटनों को लुभाने के लिए कई तरह के काम कर रहा है। इसी तरह से पूर्वोत्तर के अरूणाचल प्रदेश में CSIR-नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी अपनी सुगंध और फ्लोरीकल्चर मिशन गतिविधियों का विस्तार कर रही है। CSIR - NEIST के निदेशक डॉ. जी नरहरि शास्त्री ने बोजिंग बांगो किसान सहकारी समिति लिमिटेड, पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश के सहयोग से रनने, पूर्वी सियांग जिले, अरुणाचल प्रदेश में दूसरे बहु-स्थानीय प्रायोगिक अनुसंधान क्षेत्र का उद्घाटन किया है।
वैज्ञानिक अनुसंधान और खुशबूदार, औषधीय, फूलों की खेती और अन्य महत्वपूर्ण पौधों से संबंधित प्रौद्योगिकी के प्रसार में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए CSIR - NEIST, और बोसिंग बांगो फार्मर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस CSIR अरोमा मिशन में जोरहाट के वैज्ञानिकों की एक टीम इस अवसर पर उपस्थित थी। बताया जा रहा है कि CSIR - NEIST ने पूर्वोत्तर में लगभग 15 बहु-स्थानीय प्रायोगिक क्षेत्र स्थापित करने की योजना बनाई है।


डॉ. शास्त्री ने कहा कि इस अरोमा मिशन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक दवा उद्योगों को बनाए रखने के लिए औषधीय पौधों की दुर्लभ, खतरे वाली और लुप्तप्राय प्रजातियों की पहचान, वर्चस्व, खेती को प्राप्त करना है। जिसमें पूर्वोत्तर के असम में 5 खेत, अरुणाचल में 4, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा में एक-एक खेत को चुना गया है। इससे भारत की मजबूत पारंपरिक प्रणाली की दवाओं का भरण-पोषण करना है।