केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के नालबारी में विजय संकल्प समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस और बदरुद्दीन अजमल घुसपैठियों के लिए सारे दरवाजे खोल देंगे क्योंकि ये उनकी वोटबैंक है। घुसपैठ को बीजेपी की सरकार ही रोक सकती है।

उन्होंने कहा, जो वर्षों तक यहां शासन में रहें हैं, मैं उनको पूछना चाहता हूं कि आपने असम की संस्कृति के लिए क्या किया? वोट बटोरने के अलावा इन लोगों ने कुछ नहीं किया। असम में NDA सरकार ने श्रीमान शंकरदेव को चिर स्मरणीय बनाने के लिए कदम उठाया है। कांग्रेस कई बार BJP पर साम्प्रदायिक होने का आरोप लगाती है, वहीं कांग्रेस केरल में मुस्लिम लीग के साथ है और असम में बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन किया है। कांग्रेस असम को किस दिशा में ले जाएगी?’

अमित शाह ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 को सालों से कोई छू कर नहीं दिखा सकता था हमने करके दिखाया। प्रभु श्री राम का मंदिर बनने के लिए देश भर से आवाज उठती रहती थी। कांग्रेस अंग्रेजों की नीति पर चलती रही। फूट डालो और राज करो। कभी असमी-गैरअसमी, अभी आदिवासी-गैर आदिवासी, कभी बोडो-गैरबोडो। यहां लोगों को लड़ाते-लड़ाते वर्षों तक असम को रक्त रंजित किया। 10 हजार से ज्यादा युवाओं का खून बहा।’

शाह ने कहा, ‘असम में विकास की बयार चल रही है। नए रास्ते, अस्पताल, कॉलेज बन रहे हैं, उद्योग लग रहे हैं। आने वाले दिनों में असम में बाढ़ की समस्या का समाधान भी बीजेपी की सरकार करेगी। हमने चाय बागान क्षेत्र के लगभग 7.20 लाख लोगों का बैंक अकाउंट खोला। असम के 26 जिलों के लगभग 60.20 लाख लोगों को पांच हजार रुपए देने का काम बीजेपी ने किया है। 5 साल और दे दीजिए। हमने आसाम को गोली मुक्त किया है, हमने आसाम को शांति बहाली किया, आगे हम बाढ़ मुक्त भी कर देंगे।’

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस सरकार को और बदरुद्दीन अजमल को मैं पूछना चाहता हूं कि वर्षों तक यहां इनकी सरकार रही। आपने असम के लिए क्या किया? 13वें वित्त आयोग में राज्य को सिर्फ 79 हजार करोड़ रुपए दिए गए। 14वें वित्त आयोग में बीजेपी सरकार ने 1.55 लाख करोड़ रुपए राज्य को दिए। कांग्रेस कई बार BJP पर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाती है, मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि केरल में मुस्लिम लीग के साथ बैठे हैं और असम में बदरुद्दीन अजमल के साथ गठबंधन किए हो। आप बता सकते हो ये कौन सी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है।’