प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में चौतरफा विकास और स्थायी शांति के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता व्यक्त की है। केंद्रीय गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने शनिवार को यह बात कही। गुवाहाटी के अमिंगॉन परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों सहित पूरा पूर्वी भारत देश के लिए विकास इंजन के तौर पर बदल चुका है।

उन्होंने कहा, अगर पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास नहीं हुआ, तो भारत का विकास अधूरा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक 30 बार इस क्षेत्र के सभी राज्यों का दौरा किया है और विकास मिशन को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं - चाहे वह रेलमार्ग हो, सडक़ या हवाई संपर्क हो या विभिन्न अन्य बुनियादी ढांचे की स्थापना की बात हो। शाह ने कहा, एक समय था जब आतंकवादी इन राज्यों (उत्तर पूर्व) में युवाओं के हाथों में हथियार देते थे। लगभग सभी सशस्त्र समूह मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं और युवाओं ने वैश्विक स्तर पर अन्य स्टार्टअप के साथ प्रतिस्पर्धा शुरू की है।

राज्य में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए, गृहमंत्री ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार असम को पर्यटन केंद्र बनाएगी। उन्होंने कहा कि असम के लाखों लोगों को रोजगार देने के लिए कई चरणों और परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।अगले साल के असम विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण कदम के साथ उन्होंने असम दर्शन कार्यक्रम के तहत 8,000 नामघर (असम के पारंपरिक वैष्णवी मठ) में से प्रत्येक को 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की।

असमिया संत श्रीमंत शंकरदेव के योगदान और महत्व का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि असमिया संस्कृति भारतीय संस्कृति है और भाजपा सरकार देशभर में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी श्रीमंत शंकरदेव के दर्शन (फिलॉस्पी) को ले जाएगी। मालूम हो कि श्रीमंत शंकरदेव असम में एक वैष्णव संत-सुधारक थे, जिन्होंने धर्म के आध्यात्मिक पक्ष पर ध्यान केंद्रित किया। श्रीमंत शंकरदेव 15वीं-16वीं शताब्दी के असमिया संत, विद्वान, कवि, नाटककार, सामाजिक-धार्मिक सुधारक और राज्य के सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। भाजपा नेता ने शंकरदेव की जन्मस्थली बतद्रवा के लिए 188 करोड़ रुपये की लागत वाली एक विकास परियोजना शुरू करते हुए कहा, असम और केंद्र में कई वर्षों तक शासन करने के बावजूद, कांग्रेस ने शंकरदेव के जन्मस्थान के लिए कुछ भी नहीं किया, जिनके योगदान ने असम के इतिहास, नाटक लेखन, कला और कविता को पहचान दी। शाह ने कहा, भाजपा राज्य की भाषा, संस्कृति, कलाओं को मजबूत करने में विश्वास करती है। बतद्रवा को अमृतसर में स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर एक जीवंत सांस्कृतिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के काम की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की है। असम के नौ लॉ कॉलेजों की आधारशिला रखते हुए गृह मंत्री ने कहा कि असम में पहले से ही कई मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले वर्षों में और स्थापित किए जाएंगे। शाह असम और मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। वह शुक्रवार रात गुवाहाटी पहुंचे थे। असम के मंत्री सरमा ने कहा कि मुख्यमंत्री सोनोवाल के साथ बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसमें मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि शाह की यात्रा के दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं के भाजपा में शामिल होने की उम्मीद है।