असम के कामरूप में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस और बाकी दल घुसपैठ को रोक सकते हैं? उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार ही घुसपैठ को रोक सकती है। उन्होंने कहा कि असम की दो सबसे बड़ी समस्या घुसपैठ और बाढ़ है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में कभी आंदोलन और हिंसा हुआ करती थी। अलग-अलग समूह हाथ में हथियार लिए दिखते थे। आज वो सारे मुख्यधारा के साथ जुड़े दिखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बहुत बड़े परिवर्तन की शुरुआत हुई है।

अमित शाह ने कहा, “मुझे आज बहुत आनंद है कि श्रीमंत शंकरदेव का जो जन्मस्थान था, वो घुसपैठियों ने कब्जाया हुआ था। उसे खाली करके आज शंकर देव की महान स्मृति को चीर काल तक स्थायी करने का काम हेमंत बिस्वा शर्मा और हमारे मुख्यमंत्री जी करने जा रहे हैं।” केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “मोदी जी ने पूर्वात्तर के विकास को केंद्र में रखकर 6 साल तक सरकार चलाई है। आगे भी हमारी सरकार पूर्वात्तर की सेवा करती रहेगी। पांच साल में कभी-कभी कोई प्रधानमंत्री पूर्वात्तर आ जाए तो आए जाए, मोदी जी ने 6 साल में 30 बार पूर्वात्तर का दौरा किया और हर बार तोहफा लेकर आए।” उन्होंने कहा, "मुझे ये कहते हुए खुशी हो रही है कि देश मे कोरोना का सामना करने में असम सबसे ऊपर के राज्यों में रहा है। टेस्टिंग के मामले में ये आगे रहा।"

अमित शाह ने कहा कि आगे का रास्ता क्या है? विकास ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। विकास हो रहा है और आगे भी होगा लेकिन वैचारिक परिवर्तन की भी आवश्यकता है और यह केवल विकास के माध्यम से नहीं हो सकता है। गृहमंत्री ने असम में अलग-अलग विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे। अमित शाह ने गुवाहाटी में दूसरे मेडिकल कॉलेज, नौ लॉ कॉलेज और बाताद्रवा थान की आधारशिला रखी। बता दें कि असम के वित्त मंत्री सरमा ने शुक्रवार को जानकारी दी थी कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह गुवाहाटी में 860 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले देश के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की आधारशिला रखेंगे।