असम-मिजोरम विवाद के मद्देनजर दोनों राज्यों की सीमा पर जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को बुधवार (28 जुलाई) को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। बताया जा रहा है कि उनका काफिला काचर जिले के धोलई में रोक लिया गया, जिसमें भूपेन बोरा, देवव्रत सैकिया, सुष्मिता देव आदि नेता शामिल हैं। इस पर कांग्रेस के नेताओं ने नाराजगी जताई। 

कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने असम-मिजोरम सीमा के मुद्दे पर कहा कि हम सिर्फ ललितपुर बाजार तक जा रहे थे। हम सीमा पर नहीं जाएंगे, लेकिन हमें पांच किलोमीटर पहले ही रोक लिया गया। इस मामले में काचर जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रमनदीप कौर ने बताया कि सीमा पर हालात काफी संवेदनशील हैं। वरिष्ठ अधिकारी लगातार इस मामले में बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ स्थानीय नागरिकों को ही आने-जाने की इजाजत दी गई है। यह इलाका इस वक्त हर किसी के लिए खतरनाक है।

कांग्रेस नेता सुष्मिता देव ने कहा कि असम-मिजोरम हिंसा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन लोगों को देखकर अंदर से बहुत दुख हुआ। 

सुष्मिता देव ने कहा कि लोग डरे हैं, सहमे हुए हैं, सरकार पर उनको भरोसा नहीं है। 100 राउंड फायरिंग हुई है। परसों से हमें पीड़ित परिवारों की ओर से फोन आ रहे हैं। इसलिए हमारा डेलीगेशन सरकार को बता कर जा रहा था, लेकिन पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक रोक दिया। विपक्ष को जाने देना चाहिए। जनता को लगना चाहिए कि इसपर पक्ष-विपक्ष सब एक है।