जोरहाट । शहर में छठ पूजा की तैयारियां को आज शाम अंतिम रूप दिया गया। मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद मौसम खुलने से समितियों ने राहत की सांस ली है।

तैयारियों के क्रम में हिंदुस्तानी नवयुवक समाज छठ पूजा समिति के कार्यकर्ता आज दिन भर जनता घाट पर तत्पर नजर आए।| समिति के अध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने बताया कि इस बार कोविड नियमों के पालन पर समिति विशेष जोर दे रही है। जनता घाट पर बनी सीढ़ियों की रंगाई पुताई कर उसे दुरुस्त किया गया है। इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनाही के चलते इसके लिए बनने वाले पंडाल की व्यवस्था नही है। 

नदी के तट पर भगवान भास्कर की प्रतिमा सजाने के लिए पंडाल के साथ ही सीढ़ियों पर एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। समिति आने वाले श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग की व्यवस्था कर रही है। दूसरी तरफ मास्क की अनिवार्यता के बीच जिनके पास मास्क नहीं होगा, उनको समिति द्वारा मास्क उपलब्ध कराए जाएंगे।

उधर हिंदुस्तानी समाज पूजाडूबी घाट छठ पूजा समिति भी आयोजन को लेकर व्यस्त है। समिति के अध्यक्ष रामआधा पंडित ने बताया कि भोगदोई का जलस्तर बढ़ने के बावजूद यहां स्थान को लेकर कोई समस्या नहीं है।

हर बार की तरह लक्ष्मण झूले की तर्ज पर बनने वाला बांस का आकर्षक पुल यहां आवगामन के साधन के साथ ही आकर्षण का केंद्र रहेगा। अध्यक्ष श्री पंडित ने कहा कि उनके यहां अनुशासन पहली शर्त है। इस बार कोविड दिशा- निर्देशों का पालन पूरी तरह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। युवाओं को आतिशबाजी न करने की सलाह दी गई है। समिति इस पर पैनी नजर रखेगी। वहीं संक्रमण से बचने के लिए अन्य एहतियात भी बरतें जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि पूजाडूबी घाट अपने भौगोलिक परिवेश के चलते औरों से हट कर है। अध्यक्ष श्री पंडित की मानें तो आधिकारिक रूप से यहां 250 ऐसे प्वाइंट हैं, जहां से ब्रती भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य समर्पित करेंगे। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में अर्ध्य देने वाले हैं जो आंकड़ों में शामिल नहीं है।

दूसरी तरफ हिंदुस्तानी नवयुवक संघ आनंद नगर घाट पर इस बार माहौल अलग है। यहां तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद छठी मइया की पूजन की तैयारियां चल रही है। समिति के अध्यक्ष जयमुनि साहू और महासचिव पवन यादव के साथ ही सभी कार्यकर्ता अपने काम में लगे हैं। इस संबंध में सचिव अजय साहू ने बताया कि इस बार पानी अधिक होने के कारण घाट की लंबाई काफी बढ़ गई है। 

आनंद नगर से इसका विस्तार सुबनी गांव तक फैल गया है। कोविड परिस्थितियों के बीच इस बार भगवान भास्कर की प्रतिमा स्थापित करने की बजाय यहां बने सूर्य मंदिर में ही पूजन कार्य संपन्न किया जाएगा। गौरतलब है कि विभिन्न छठ पूजा घाटों के बीच आनंद नगर घाट ऐसा है, जहां स्थापित सूर्य मंदिर है।

वहीं भोजपुरी समाज की कमान इस बार सुनीता चौधरी (साहू) के रूप में एक महिला के हाथ में हैं। यहां समिति ने पहली बार घाट मुहैया कराने का काम अपने हाथों में लिया है। इस बीच छठ पूजा के मौके पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने व श्रद्धालुओं के सुविधार्थ कल अपराह्न 1.00 बजे से निर्मल चारआली से जनता घाट तक जाने वाले रास्ते पर नो-इंट्री लगेगी। 

इस संबंध में ट्रैफिक प्रभारी चंदन ज्योति बोरा ने बताया कि नो-इंट्री के साथ ही अन्य व्यवस्था बनाने में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। निर्मल चारआली एर प्रवेश द्वार के तौर पर हिंदुस्तानी नवयुवक समाज द्वारा बनाया गया तोरण द्वार सभी का स्वागत छठ पूजा के मौके पर करता दिख रहा है।