असम राज्य में मुठभेड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इन्हीं सभी " एनकाउंटर्स (encounters)" और पुलिस फायरिंग के मामलों में वृद्धि के रूप में, जानिया निर्वाचन क्षेत्र के AIUDF विधायक रफीकुल इस्लाम (Rafiqul Islam) ने मुठभेड़ घटनाओं को रहस्यमय करार दिया है। इन्होंने सरकार से सभी मुठभेड़ों की न्यायिक जांच की मांग की है।


इस्लाम ने कहा कि "पिछले कुछ महीनों में, राज्य ने पुलिस द्वारा तथाकथित मुठभेड़ों की एक खतरनाक संख्या देखी है जो बहुत खतरनाक है।" उन्होंने दावा किया कि " यह मुद्दा रहस्यमय है क्योंकि असम ने पहले कभी ऐसा नहीं देखा था। अतीत में, किसी भी तरह के अपराध के आरोपी लोगों में पुलिस कर्मियों पर हमला करने या हिरासत से भागने की कोशिश करने का भी साहस नहीं था। लेकिन, यह बहुत ही संदेहास्पद निकला कि पिछले आठ महीनों में आरोपी पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे हैं और हिरासत से भाग भी रहे हैं "।
उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने पुलिस के अनुसार हथियार चुराने की भी हिम्मत की। क्या यह संदिग्ध नहीं है?" इस्लाम ने मामले को गंभीर बताते हुए "मुठभेड़ों (encounters)" की न्यायिक जांच की मांग की। AIUDF विधायक की यह मांग नगांव शूटिंग से जुड़े विवाद के बाद आई है।

उल्लेखनीय है कि नगांव में हाल ही में एक युवक को पुलिस ने सिर्फ संदेह होने पर ही  गोली चला दि। जिसका कई छात्र संगठन पुलिस के खिलाफ प्रद्रशन कर रहे हैं। और पुलिस उपाध्यक्ष आनंद मिश्रा को सस्पेंड करने की भी मांग की है।