पेट्रोल-डीजल (Petrol-diesel prices) की बढ़ती कीमतों के साथ साथ घरेलू सामान की आसमान छूती कीमतों से आम जनता को कई तरह की चीजों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की इस मंहगाई की चाल से नाराज असम राज्य में छात्र संघ AASU ने रैली निकाली है। अखिल असम छात्र संघ (AASU) की लखीमपुर जिला इकाई ने पेट्रो उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए सरकार की पहल की मांग को लेकर लखीमपुर में आंदोलन का सहारा लिया है। 

इस सिलसिले में संगठन ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों का कड़ा विरोध करते हुए उपायुक्त कार्यालय के सामने सत्याग्रह शुरू किया है। 

देश भर में और साथ ही राज्य भर में पेट्रोल और डीजल (Petrol-diesel prices) की कीमतों ने अपनी खुदरा दरों को अभूतपूर्व स्तर तक ले जाते हुए अपने ऊपर की ओर बढ़ना जारी रखा है। लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) सहित पेट्रो-उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं की जेब में बड़े छेद हो रहे हैं, ऐसे समय में जब आम लोग कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण होने वाले प्रतिकूल प्रभाव से जूझ रहे हैं।

बता दें कि लखीमपुर में पेट्रोल का भाव प्रति लीटर था. 105.48 जबकि डीजल की कीमत 97.56 प्रति लीटर थी। ऐसी परिस्थितियों में, इस मुद्दे पर AASU के राज्य कार्यकारी सदस्य धनमोनी दत्ता (Dhanmoni Dutta) ने राज्य सरकार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) और खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रंजीत दास को राज्य के कालाबाजारियों पर अपना नियंत्रण स्थापित करने में व्यापक विफलता का आरोप लगाया है, जिन्होंने इस मुद्दे पर राज्य सरकार के कथित ढुलमुल रवैये का फायदा उठाकर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी कर रहे हैं।