असम में कांग्रेस नीत विपक्षी महागठबंधन ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री पद का उसका उम्मीदवार विधानसभा चुनाव के बाद अन्य घटक दलों के साथ चर्चा के बाद तय किया जाएगा। महागठबंधन के घटक दलों के संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में असम के पार्टी प्रभारी कांग्रेस महासचिव अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि इस गठबंधन की मुख्य चिंता भाजपा एवं उसके सहयोगियों को हराना है।

उन्होंने कहा, ‘चुनाव हो जाने के बाद सभी दल साथ बैठेंगे और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में तय करेंगे। ’ सिंह ने कहा कि हग्रमा मोहिलारी की अगुवाई वाले बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के विपक्षी गठबंधन में आ जाने के बाद महागठबंधन आगामी चुनाव में विधानसभा की कुल 126 में 100 सीटें जीतने के लक्ष्य तक जरूर पहुंच जाएगा।

सन् 2001 से असम में 15 सालों तक सत्तासीन रही कांग्रेस ने इस विधानसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का मुकाबला करने के लिए एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा माले, आचंलिक गण मोर्चा के साथ मिलकर एक महागठबंधन बनाया। शनिवार को बीपीएफ भी उसके साथ हो चला।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी शुक्रवार एवं शनिवार को गठबंधन के कई नेताओं से मुलाकात की थी और कहा था कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव लडे़गी लेकिन राजद के इस महागठबंधन में शामिल होने का कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ है। भाजपा नीत सरकार का हिस्सा रहे बीपीएफ ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह भाजपा के साथ दोस्ताना संबंध या गठबंधन में नहीं रहेगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने दो नये क्षेत्रीय दलों- असम जातीय परिषद एवं राइजोर दल को महागठंधन से जुड़ने का न्यौता दिया। राज्य में 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। भाजपा असम गण परिषद और यूनाईटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के साथ चुनाव में उतरेगी।