करीब दो साल पहले कोविड-19 महामारी (covid-19 pandemic) शुरू होने के बाद से असम में पहली बार प्राथमिक वर्ग (primary class) के छात्र पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंचे। इस दौरान कोरोना (Corona) से संबंधित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल और अन्य दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया।

उच्च प्राथमिक सेक्शन के विद्यार्थियों के लिए गत अप्रैल में कुछ समय के लिए स्कूल खोला गया था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर (corona Second wave) आने के बाद इसे फिर उसी महीने बंद कर दिया गया था। इस सेक्शन के विद्यार्थियों के लिए एक बार फिर से स्कूल खुल चुके हैं।

हालांकि, राज्य सरकार (State government) द्वारा जारी नई मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार, घर पर रहने का विकल्प चुनने वालों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं (Online classes) जारी रहेंगी।

स्कूल अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की उपस्थिति, खासकर निम्न प्राथमिक वर्ग में, बहुत कम थी।

उन्होंने कहा कि शैक्षणिक परिसर की पूरी तरह से साफ-सफाई कर दी गयी है और फेस मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसे सभी कोविड मानकों का पालन किया जा रहा है।

नवीनतम एसओपी के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए सप्ताह के वैकल्पिक दिनों में फिजीकल कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जबकि नौवीं एवं उससे ऊपर की कक्षाएं हर रोज होंगी। एक कक्षा के प्रति सेक्शन में अधिकतम 30 छात्रों की अनुमति है।

एसओपी (SOP) के अनुसार, माता-पिता/अभिभावकों को भी अपने बच्चों को शारीरिक कक्षाओं में भाग लेने के लिए लिखित सहमति देनी होगी। स्कूल परिसरों में बैठक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं है।

उच्चतर माध्यमिक, डिग्री, स्नातकोत्तर के साथ-साथ तकनीकी पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं छह सितंबर से पुन: शुरू हो चुकी थीं, जबकि दसवीं कक्षा के लिए 20 सितंबर से स्कूल खोल दिये गये थे।

शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने का निर्णय राज्य में कोविड-19 (covid-19) की स्थिति में सुधार के मद्देनजर लिया गया था। हालांकि यदि कोरोना पॉजिटिव (corona positive) की दर प्रतिदिन दो प्रतिशत के आंकड़े को पार करती है तो जिला उपायुक्त के पास इन्हें बंद करने का अधिकार सुरक्षित होगा।

नये एसओपी के अनुसार, किसी स्कूल में कोविड-19 पॉजिटिव होने का कोई सकारात्मक मामला सामने आने की स्थिति में स्थानीय सरकारी प्राधिकरण को सूचित करना पड़ेगा और सभी छात्रों एवं कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट किये जाने के बाद ही अगले दिन कक्षाएं फिर से शुरू की जाएंगी।

अधिसूचना में कहा गया है कि यदि कई कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आते हैं, तो शैक्षणिक संस्थान को सात दिनों के लिए बंद कर दिया जाएगा।

इसमें कहा गया है कि सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लेना अनिवार्य है, जबकि 18 वर्ष से कम आयु के अंतिम वर्ष के छात्रों को छोड़कर, छात्रावासों एवं आवासीय विद्यालयों के छात्रों और कर्मचारियों के लिए दोनों खुराक अनिवार्य हैं।