प्रमुख स्वदेशी असमिया मुस्लिम (Assamese Muslims) लोगों ने ऑल असम माइनॉरिटी स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU) की स्पष्ट रूप से निंदा की है, जिसने हाल ही में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करने की धमकी दी है।  
AAMSU ने घोषणा की कि वह असम में रहने वाले 1.50 करोड़ मुस्लिम लोगों के समर्थन से 6 साल के असम आंदोलन (Assam Movement) के समान विरोध शुरू करेगा और राज्य की राजधानी परिसर के कार्यों को रोकने की धमकी दी है।
संगठन की निंदा करते हुए जाने माने वकील नेकीबुर जमां (Nekibur Zaman) ने कहा कि AAMSU कोई भी फैसला ले सकती है क्योंकि उनके पास संवैधानिक अधिकार हैं। लेकिन वे राज्य की स्वदेशी मुस्लिम आबादी का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं। ज़मान ने आगे कहा कि "AAMSU को स्वदेशी मुस्लिम आबादी इसे समर्थन नहीं देगी।"

प्रसिद्ध फिल्म व्यक्तित्व नूरुल सुल्तान (Nurul Sultan) ने भी कहा कि AAMSU राज्य के मूल निवासी मुस्लिम लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है और संगठन को सरकारी विकास कार्यों में बाधा नहीं बनाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि AAMSU  को ऐसा कहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों में बाधा नहीं डालनी चाहिए।