असम के विशेष पुलिस महानिदेशक (DGP), कानून और व्यवस्था, जीपी सिंह ने कहा कि बटाद्रवा पुलिस स्टेशन पर हमले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। थाने का दौरा करने वाले सिंह ने स्थिति का जायजा लिया और यह भी कहा कि इस अपराध में शामिल लोगों से कानून के तहत सख्ती से निपटा जाएगा।

सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ''बटाद्रबा थाने पर हमले के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले में एसआईटी का गठन किया जाएगा ''। उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले के पीछे जिहादी हो सकते हैं और इस तरह के किसी लिंक का पता लगाने के लिए इस एंगल से जांच भी कराई जाएगी।


उन्होंने कहा, "मध्य असम पुलिस के उप महानिरीक्षक (DIG)) सत्यराज हजारिका को घटना की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।" उन्होंने आगे कहा कि वीडियो फुटेज से दोषियों की पहचान की जाएगी और आग के कारणों की जांच के लिए एक फोरेंसिक टीम को तैनात किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "इसमें शामिल सभी संदिग्ध लोगों के खिलाफ जांच की जाएगी।"
महत्वपूर्ण फाइलों के गुम होने के बारे में आगे बोलते हुए सिंह ने कहा कि थाने में इस तरह के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जलाने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी।


असम के नागांव जिले के बटाद्रवा पुलिस थाने में हिंसक और उपद्रवी भीड़ ने आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। हमला सफीकुल इस्लाम नाम के एक व्यक्ति के बाद हुआ, जिसे कथित तौर पर पुलिस ने उठा लिया था, कथित तौर पर बटाद्रवा पुलिस स्टेशन में हिरासत में रहने के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

ऑनलाइन सामने आए दृश्यों में पुरुषों और महिलाओं की उग्र भीड़ बटाद्रवा पुलिस स्टेशन पर धावा बोलती नजर आई। गुस्साई भीड़ ने कानून को अपने हाथ में ले लिया जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद दो पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और थाने में आग लगा दी।