देश में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत असम के गोलाघाट जिले में एक चिकित्सा अधिकारी यह टीका लेने वाले राज्य में पहले व्यक्ति बने। कोविड-19 टीकाकरण के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के तुरंत बाद बोकाखाट के उपसंभागीय चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिलन कुमार लस्कर को ग्यारह बजकर सात मिनट पर एक जनस्वास्थ्य केंद्र पर टीका लगाया गया। 

बाद में मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एएमसीएच) एवं स्वास्थ्य मंत्री हिमंत विश्व सरमा ने यहां गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में इस अभियान का शुभारंभ किया। जीएमसीएच में सबसे पहले श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. उमेश चंद्र शर्मा ने टीका लगवाया और उनके बाद उसके प्राचार्य डॉ. अच्युत वैश्य और उसके अधीक्षक डॉ. अभिजीत शर्मा समेत 11 अन्य प्रख्यात चिकित्सकों को टीका लगाया गया। 

इसी प्रकार, एएमसीएच में उसके प्राचार्य डॉ. संजीव कोकाटी ने सबसे पहले टीका लगवाया। इस अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए ‘गौरव का पल’ एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और यह उपलब्धि उनके समर्थ नेतृत्व से ही संभव हो पायी है। उन्होंने उम्मीद जतायी की कि राज्य के लोग सहयोग करेंगे और इस अभियान को सफल बनायेंगे। उधर, सरमा ने अपने संबोधन में कहा,‘‘ यह दिन हमारे लिए ऐतिहासिक और भावुक है। 

यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का दिन है और यह उन डॉक्टरों एवं सभी स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति आभार प्रकट करने का भी दिन है जिन्होंने पिछले साल इस वायरस से बिना थके संघर्ष किया।’’ राज्य में शनिवार को पहले दिन सात मेडिकल कॉलेजों एवं 24 जिला एवं उपसंभागीय अस्पतालों में 65 केंद्रों पर 1.9 लाख पंजीकृत स्वास्थ्यकर्मियों में से करीब 6500 को टीका लगाया जाएगा। असम में टीके की 2,21,500 खुराक पहुंची हैं जिनमें कोविशील्ड की 2,01,500 और कोवैक्सीन की 20000 खुराक शामिल हैं।