बैंक एकाउंट चेक की क्लोनिग बना ठग फर्जी निकासी का गोरखधंधा कर रहे हैं। चार दिन पूर्व राजस्थान के भीलवाड़ा जिला परिषद की योजना के लगभग 37 लाख रुपए की निकासी चिरकुंडा बैंक आफ बड़ौदा ब्रांच से कर ली गई थी। बुधवार को मुंबई व असम से चेक के माध्यम से चिरकुंडा नगर परिषद का प्रधानमंत्री आवास योजना का 85 लाख रुपए निकालने की कोशिश की गई। 

बैंक अधिकारी और नगर परिषद के अधिकारी व कर्मी की सजगता से फर्जी निकासी होने से बच गया। दरअसल, नगर परिषद का बैंक आफ बड़ौदा में प्रधानमंत्री आवास योजना का अकाउंट है। बुधवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के खाते से दो चेक के माध्यम से मुंबई व असम में निकासी की प्रक्रिया की जा रही थी। वहां के बैंक से मेल कंफर्म करने को लेकर बीओबी चिरकुंडा शाखा के मैनेजर मनोज कुमार को संदेश आया। 

उन्होंने नगर परिषद के सिटी मैनेजर मुकेश निरंजन से संपर्क किया और एक मेल कंफर्मेशन संदेश नगर परिषद के एकाउंट सेक्शन में भेजा। नगर परिषद के कर्मी राजा के मोबाइल पर कंर्मेशन का मैसेज आया। उसने मैसेज सिटी मैनेजर को दिखाया। वह अचंभित हो गए कि जिस योजना का कार्य हुआ नहीं, उसका भुगतान कैसे होगा। चिरकुंडा में पीएम आवास योजना का भुगतान वर्ष 2017 से ही चेक पेमेंट से नहीं हो रहा है। अब पीएफएमएस सिस्टम से भुगतान होता है। सिटी मैनेजर ने बैंक मैनेजर को फोन कर निकासी पर रोक लगाने को कहा। 

फिर बैंक पहुंचकर बताया कि इतनी बड़ी निकासी या भुगतान नगर परिषद ने नहीं किया है और मुंबई व असम से इसका कोई लेना-देना नहीं है। बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने बताया कि चेक की क्लोनिग तैयार कर फर्जी निकासी की प्रक्रिया की जा रही थी। मुंबई में जिस एकाउंट में पैसा जाने वाला था वह एकाउंट मनोज के नाम पर था। असम वाला सीसी एकाउंट प्रतीत हो रहा है। चिरकुंडा नगर परिषद के एकाउंट का दो फर्जी चेक तैयार हो गया था। एक 48 लाख का चेक मुंबई से निकासी की जा रही थी। व 37.51 लाख का चेक असम से निकालने की कोशिश हो रही थी।

सिटी मैनेजर मुकेश निरंजन ने बताया कि वरीय अधिकारियों को घटना से अवगत कराया गया है। लिखित शिकायत पुलिस को की जाएगी। नगर परिषद के सभी बैंक खातों को पांच दिन के लिए फ्रीज किया गया है, ताकि किसी प्रकार का कोई लेन-देन नहीं हो सके।