कोरोना काल में स्कूल बंद हैं और स्टूडेंट्स ऑनलाइन एजुकेशन के भरोसे हैं। देश में 66.8% बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। पंजाब, हिमाचल, केरल और गुजरात में जहां 80% से ज्यादा बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं, वहीं ओडिशा, राजस्थान, यूपी, बंगाल में 25% बच्चे भी ऑनलाइन सिस्टम से नहीं जुड़े हैं। पंजाब में सबसे ज्यादा 84.6% बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं बंगाल में सबसे कम 7.7% बच्चे ही इससे जुड़े हैं।

राजस्थान के 21.5% बच्चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। वहीं देश के 80% बच्चों के पास किताबें हैं। बंगाल, नागालैंड, असम, मेघालय और मणिपुर में सबसे ज्यादा 95% बच्चों के पास किताबें हैं तो आंध्रप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना में 70% से कम बच्चों के पास किताबें हैं। आंध्रप्रदेश में सबसे कम 34.6% बच्चों के पास ही किताबें पहुंची हैं। यह खुलासा एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) में हुआ है।

दरअसल, देश के बच्चों में शिक्षा का स्तर जानने के लिए असर हर साल राज्यवार सर्वे करता है। इस बार कोरोना के चलते स्कूल नहीं खुले तो असर ने तरीका बदलते हुए बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा और उससे जुड़ी जरूरतों (स्मार्ट फोन, टीवी, रेडियो और नेटवर्क) का सर्वे किया। इसमें सरकारी और पालकों की भूमिका को भी शामिल किया।

984 गांवों के 6888 घर के बच्चों से पूछा गया कि आप कैसे पढ़ रहे हैं? कौन पढ़ा रहा है? क्या आपके पास किताबें हैं? सर्वे के अनुसार ऑनलाइन एजुकेशन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी अभिभावक हैं। पहली से आठवीं तक के 65% बच्चे अपने पैरेंट्स के स्मार्ट फोन से पढ़ रहे हैं। इस दौरान माता-पिता या घर के बुजुर्ग उनके साथ बैठते हैं। नौवीं से 12वीं तक के 59% बच्चे पैरेंट्स के फोन से पढ़ रहे हैं।

बिहार 7.7

बंगाल 20.5

यूपी 21

राजस्थान 21.5

ओडिशा 23.8

पंजाब 87.6

हिमाचल 87.2

केरल 82.9

गुजरात 82

उत्तराखंड 75.1

आंध्र प्रदेश 34.6

राजस्थान 60.4

तेलंगाना 68.1

बिहार 75.8

झारखंड 77.1

बंगाल 99.7

नागालैंड 99.2

असम 98.4

मेघालय 97.8

मणिपुर 97.5