पूर्वोत्तर में अनुसंधान की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी ने 650 टीएफ सुपरकंप्यूटरी सुविधा स्थापित करने के लिए पुणे स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सी-डैक) के साथ एक समझौता किया है। जानकारी के लिए बता दें कि समझौते पर हस्ताक्षर भी कर दिए गए हैं। इस समझौते से पूर्वोत्तर को काफी मदद मिलेगी।

 
सूत्रों से जानकारी हालिस हुई है कि राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत 650 टीएफ सुपरकंप्यूटिंग सुविधा के 17 करोड़ रुपये की लागत संस्थान में स्थापित की जाएगी। IIT- गुवाहाटी में इस प्रणाली में 10 मास्टर/सर्विस नोड्स, 107 सीपीयू केवल कंप्यूट नोड्स, 10 जीपीयू नोड्स और 39 हाई मेमोरी सीपीयू केवल कंप्यूट नोड्स होंगे। MoU पर IIT- गुवाहाटी के निदेशक प्रोफेसर टीजी सीताराम और डॉ. हेमंत दरबारी ने हस्ताक्षर किए थे।

जानकारी के लिए बता दें कि सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उपयोग करते हुए, आईआईटी-गुवाहाटी क्वांटम टर्बुलेंस, अस्थिरता और ऊष्मीय संवहन, सुपर कूल्ड लिक्विड और ग्लास पर केंद्रित है, हाई-वैलेंट मेटल इंटरमीडिएट की प्रतिक्रियाशीलता, बहुलक-कंपोजिट, झिल्ली, पॉली इलेक्ट्रोलाइट्स, दानेदार प्रवाह का कम्प्यूटेशनल अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करेगा। क्लिनिकल टेक्स्ट माइनिंग, मशीन लर्निंग और कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी, डीप लर्निंग और रिसर्च के कम्प्यूटेशनल सोशल सिस्टम क्षेत्रों में इसके अनुप्रयोग होगा।


इस सुपरकंप्यूटर की खास बात ये हैं कि आईआईटी-गुवाहाटी में 650 टीएफ सुपरकंप्यूटर वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों, जैसे क्वांटम यांत्रिकी, जलवायु अनुसंधान, तेल और गैस की खोज, आणविक मॉडलिंग, मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष यान एरोडायनामिक्स, कम्प्यूटेशनल सिस्टम जीव विज्ञान और विस्फोट सिमुलेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल का उपयोग करते हुए बड़े डेटा बेस की हैंडलिंग शामिल है।