असम के 60 प्रतिशत से अधिक जिला अस्पतालों में गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) के बेड नहीं हैं और राज्य के किसी भी उप-मंडलीय अस्पताल (एसडीसीएच) में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री केशब महंत ने शुक्रवार को विधानसभा को इस बारे में सूचित किया।

कांग्रेस सदस्य नुरुल हुदा के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य के 25 जिला अस्पतालों में से केवल 10 में ही आईसीयू बेड हैं। जिला अस्पतालों में कुल आईसीयू बेड की संख्या 178 है। उन्होंने कहा कि ऐसे सात अस्पतालों में आईसीयू बेड की व्यवस्था की जा रही है। महंत ने कहा कि राज्य के 15 एसडीसीएच में से किसी में भी आईसीयू बेड नहीं हैं। राज्य के 20 जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड हैं, वहीं आठ एसडीसीएच में भी यह सुविधा है।

मंत्री के मुताबिक जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन सुविधा से युक्त बेड की संख्या 458 और एसडीसीएच में 63 है। पांच जिला अस्पतालों में न तो आईसीयू बेड हैं और न ही ऑक्सीजन बेड, जबकि 11 में दोनों सुविधाएं हैं, जिनमें सेमी-आईसीयू बेड वाला एक जिला अस्पताल शामिल है। मंत्री ने कहा कि राज्य के जिला अस्पतालों और एसडीसीएच में क्रमशः 4,839 और 994 बेड हैं।

मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा 40 पीएसए ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से नौ को चालू कर दिया गया है। विदेशी सहायता या विभिन्न कंपनियों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत दस और पीएसए संयंत्र भी लगाए जाएंगे, जिनमें से एक पहले ही स्थापित किया जा चुका है।

मंत्री ने कहा कि कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में अप्रैल के बाद से महामारी की दूसरी लहर में कोविड-19 के सबसे अधिक मामले आए हैं और सर्वाधिक मौतें हुई हैं। कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में गुवाहाटी शहर भी शामिल है।