पूर्वोत्तर राज्य असम के कार्बी आंगलोंग जिले में डिमासा नेशनल लिबरेशन आर्मी (DNLA) के 52 उग्रवादियों ने बुधवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में चार महिलाएं भी शामिल हैं।

एडीजीपी (विशेष शाखा) हिरेन चंद्र नाथ के अनुसार, 'यह कार्यक्रम जिले के धनसिरी स्थित डीएनएलए (DNLA) के कैंप में हुआ। अब सभी उग्रवादी हथियार डालकर मुख्य धारा में लौट आए हैं। 

एडीजीपी नाथ ने बताया कि ये लोग पहले आत्मसमर्पण नहीं कर सके थे क्योंकि ये सभी नगालैंड के काफी अंदरूनी इलाके में रह रहे थे। कार्बी आंगलोंग जिले के एसपी की मौजूदगी में इन लोगों ने एक कर्बाइन, एक पंप एक्शन गन, दो .22 राइफल, एक 303 राइफल, एक हैंड ग्रेनेड, दो .32 पिस्टल पुलिस को सौंपा है। बता दें कि डीएनएलए का गठन 2019 में डीमासा आदिवासी लोगों के लिए अलग देश बनाने के मकसद से हुआ था।

लेकिन अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अपील पर इन लोगों ने पिछले साल 7 सितंबर को एकतरफा संघर्षविराम का ऐलान किया था। साथ ही अब इन्होंने सरकार के सामने हथियार डाल दिया है। बता दें कि डीमासा आदिवासी मुख्य तौर पर असम और नगालैंड में रहते हैं। पिछले साल 113 डीएनएलए उग्रवादियों ने अपने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया था। राज्य में अब तक इस संगठन के 165 उग्रवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।