मई 2021 से असम पुलिस की कार्रवाई में 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 139 अन्य घायल हो गए हैं। असम सरकार ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक हलफनामे के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

असम सरकार द्वारा गुवाहाटी उच्च न्यायालय को दिए गए हलफनामे में कहा गया है, “जहां तक ​​रिकॉर्ड है पुलिस कार्रवाई या पुलिस हिरासत के दौरान इस साल मई 2021 से 31 मई तक 51 मौतें और 139 घायल हुए हैं।

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने दिल्ली के अधिवक्ता आरिफ जवादर द्वारा दायर एक जनहित याचिका के संबंध में असम सरकार के गृह विभाग को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।

जनहित याचिका में असम में कथित "फर्जी मुठभेड़ों" के संबंध में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप की मांग की गई है जो 10 मई, 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा के राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से बढ़ रहे हैं। गुवाहाटी उच्च न्यायालय की देखरेख में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा कथित "फर्जी मुठभेड़ों" की जांच की भी मांग की गई है।

जनहित याचिका में कहा गया है की पुलिस कर्मियों के पास मारने का लाइसेंस नहीं है, सीआरपीसी का पूरा विचार अपराधियों को पकड़ना और उन्हें न्याय दिलाना है, न कि उन्हें मारना।"