असम पुलिस ने जेईई मेन्स परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा खुलासा करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार देर शाम पुलिस ने बिना परीक्षा दिए 99.8 प्रतिशत अंकों के साथ राज्य टॉप करने वाले छात्र, उसके डॉक्टर पिता और प्रॉक्सी (अपनी जगह दूसरे व्यक्ति से पेपर लिखने वाले) शख्स समेत 2 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

गुवाहाटी पुलिस आयुक्त एमपी गुप्ता ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ के लिए इन लोगों को अपनी कस्टडी में ले लिया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी पूरे घोटाले की जांच करेगी। हम इस मामले में अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'उम्मीदवार ने कथित रूप से अपने एक दोस्त के साथ बातचीत में इस फर्जीवाड़े में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी, इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया गया था।'

शिकायतकर्ता ने 23 अक्टूबर को दावा किया था कि 5 सितंबर को परीक्षा वाले दिन, उम्मीदवार गुवाहाटी में अपने बोरझार वाले केंद्र गया, लेकिन एक निरीक्षक और एक अन्य व्यक्ति की मदद से उसने बायोमेट्रिक अटेंडेंस और अन्य औपचारिकता पूरी की और परीक्षा हॉल से चला गया। फिर जब वास्तविक उम्मीदवार टेस्ट सेंटर से बाहर चला गया, उसके बदले उसका प्रॉक्सी कंप्यूटर आधारित परीक्षा में शामिल हुआ।