असम के मुख्यमंत्री के कथित रूप से जाली हस्ताक्षर करने के आरोप में दिसपुर पुलिस ने एक सरकारी अनुबंध के लिए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। चारों व्यक्ति धेमाजी जिले के डेमो के रहने वाले हैं। आरोपी ने राज्य के जल जीवन मिशन के तहत एक सरकारी अनुबंध के लिए असम के मुख्यमंत्री के जाली हस्ताक्षर किए थे। गौरतलब है कि यह ठेका 3 करोड़ रुपये का था।

अपराध में शामिल आरोपी पंकज गोगोई, दीपज्योति दत्ता, येमिनी मोहन और बिनीत पोद्दार हैं। सूत्रों के अनुसार इमरान शाह, जिसने पूरे घोटाले की योजना बनाई थी और जिसे मास्टरमाइंड कहा जा रहा है, वो फरार हो गया है। पुलिस उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

दीपज्योति दत्ता के बयान के अनुसार, चारों व्यक्तियों ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के जाली हस्ताक्षर करके सरकार से 3 करोड़ रुपये निकालने की योजना बनाई थी। पिछले महीने गुवाहाटी स्थित एक मीडिया हाउस द्वारा अवैध नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार के निर्देश पर 40 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था।


गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) की कार्मिक शाखा ने सभी 40 अवैध रूप से नियुक्त कर्मचारियों को निलंबित करने का आदेश दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न विभागों में सभी 40 उम्मीदवारों की नियुक्ति बिना किसी वैध विज्ञापन के हुई।