असम में रविवार को कांग्रेस, एआईयूडीएफ और वाम सहित कुल 14 विपक्षी दलों ने नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे किसान संगठनों द्वारा आठ दिसंबर को बुलाए गए 'भारत बंद' को 'पूर्ण समर्थन' देने की घोषणा की। 

सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने भी किसानों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया, लेकिन राष्ट्रव्यापी बंद के लिए हाथ मिलाने से परहेज किया। 

विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि केवल कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए बने इन तीन कानूनों के कारण असम के किसान भी बुरी तरह प्रभावित होंगे। 

तीन कानूनों को निरस्त करने की किसानों की मांग का समर्थन करते हुए राज्य के 14 विपक्षी दलों ने मंगलवार को सभी कारखानों, कार्यालयों, बैंकों, अदालतों, शैक्षिक संस्थानों और यातायात को बंद करने की अपील की।