ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के नेता अनिमेष भुइयां की जोरहाट शहर में कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या (Assam Aasu leader murder) करने के मामले में मुख्य आरोपियों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छात्रों के निकाय ने तब तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है, जब तक कि अपराधियों को ‘सजा’ नहीं दी जाती। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने मंगलवार को पुलिस को मामले की त्वरित सुनवाई के लिए एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को कहा है और विशेष पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था जीपी सिंह (SDGP, Law and Order GP Singh) को व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी और हमलावरों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिये हैं।

सोमवार की भीषण घटना की मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा मंत्री रनोज पेगू (Education Minister Ranoj Pegu) ने मंगलवार को दरगांव स्थित भुइयां के घर का दौरा किया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने 30 वर्षीय आसू नेता के परिवार के लिए 5 लाख रुपये की सहायता की भी घोषणा की है। पुलिस के अनुसार, सोमवार को एक तर्क के बाद लगभग 50 लोगों ने आसू नेता अनिमेष भुइयां (Animesh Bhuyan), उनके सहयोगी प्रणय दत्ता और पत्रकार मृदुस्मंत बरुआ पर उस वक्त हमला किया था, जब उन्होंने एक बुजुर्ग दुर्घटना पीड़ित की सहायता करने की कोशिश की। वहां कई लोग दर्शक थे, जिन्होंने लिंचिंग को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने इस घटना को अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया।

पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी नीरज दास और 12 अन्य को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है। दास को पहले ड्रग्स ट्रेडिंग के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह जमानत पर बाहर था, जबकि उसके खिलाफ कुछ अन्य मामले लंबित हैं। 30 वर्षीय भुइयां (Animesh Bhuyan Murder), आसू की गोलाघाट जिला इकाई के तहत ब्रह्मपुत्र अंचलिक समिति के शिक्षा सचिव थे। आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल कुमार भट्टाचार्य और अध्यक्ष दीपंका कुमार नाथ ने भी मंगलवार को मारे गए नेता के परिवार से मुलाकात की। भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए राज्य सरकार से भुइयां के परिवार की पूरी जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया है।

नाथ ने कहा कि हाल के दिनों में जोरहाट और आसपास के इलाकों में लिंचिंग की कम से कम तीन घटनाएं हो चुकी हैं। अफसोस की बात है कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां हमलावरों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं कर रही हैं। हम सतर्क रहेंगे, ताकि मामले की जांच में कोई चूक ना हो। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक हमलावरों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती। भुइयां को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आसू की विभिन्न इकाइयों ने मंगलवार को राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा की युवा शाखा, कांग्रेस, अंचलिक गण मोर्चा, रायजोर दल, कृषक मुक्ति संग्राम समिति सहित विभिन्न नेताओं, राजनीतिक दलों और संगठनों ने सरकार से दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।