बोरियो के व्यापारी अरुण साह का अपहरण करने के बाद हत्या करने वाले संताल लिबरेशन आर्मी के सदस्य झारखंड छोड़ कर भाग रहे हैं। असम के लखीराम ने बरहेट की मुठभेड़ में जमादार (एएसआइ) चंद्राय सोरेन को गोली मारी थी। लखीराम, विमल मरांडी, मार्टिन समेत एक दर्जन से अधिक सदस्य असम भाग चुके हैं। संताल लिबरेशन आर्मी को नेस्तनाबूद करने के लिए साहिबगंज पुलिस ने सामुएल हांसदा, श्रीचांद मुर्मू, किस्कू सोरेन, प्रमिला हेम्ब्रम, किशन हांसदा, विनोद हांसदा, रामदास सोरेन, होपना हेम्ब्रम, रोहित मुर्मू, एडविन तुरी, किसुन सोरेन को गिरफ्तार किया। वे जेल में हैं। 

मई 2020 में बोरियो के अनाज व्यापारी अरुण साह के अपहरण व हत्या के बाद संताल लिबरेशन आर्मी का खौफ हो गया था। इसके बाद पुलिस ने संताल लिबरेशन आर्मी के सदस्यों को खोजना शुरू किया। कई लोग गिरफ्तार हो गए तो संताल लिबरेशन आर्मी के कई सदस्य झारखंड छोड़ कर भाग गए। पुलिस को अंदेशा है कि वे लोग असम भाग चुके हैं। गिरफ्तार लोगों को पुलिस मजबूत साक्ष्य पेश कर उन्हें सजा दिलाने में लगी है।  

 

संताल परगना में संताल लिबरेशन आर्मी की नींव रखने का काम रोहित मुर्मू ने किया है। यहां संगठन के संचालक की कमान उनके जिम्मे थी। रोहित पर असम में तीन चार मुकदमे चल रहे हैं। जमानत पर छूटने के बाद झारखंड भाग आया था। सात जून को तत्कालीन एसडीपीओ राजा मित्रा ने बोरियो से रोहित मुर्मू को गिरफ्तार किया था। रोहित के जेल जाने के बाद संगठन की कमान सामुएल हांसदा ने संभाल ली। रोहित के जेल में रहते सामुएल ने अरुण साह के अपहरण की साजिश रची थी। रोहित मुर्मू, सामुएल हांसदा एवं एडविन तुरी लंबे समय तक असम में रह चुके हैं। असम में इन लोगों ने हथियार चलाने का प्रशिक्षण लिया था। तीनों अत्याधुनिक हथियार चलाने में माहिर है।