असम-बिहार के बाद उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में कम से कम 644 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। आधिकारिक सूत्रों से यह जानकारी मिली है। राहत आयुक्त संजय गोयल ने एक बयान में कहा कि ये गांव अंबेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फरुर्खाबाद, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, मऊ, संत कबीर नगर और सीतापुर जिलों के हैं।

बाढ़ के कारण लगभग 300 गांवों को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है और उनके निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। गोयल ने कहा कि राज्य में 373 आश्रय गृह और 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।साथ ही लोगों को बचाने के लिए 414 नावों को बचाव कार्य में लगाया गया है।अधिकारी ने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और उत्तर प्रदेश प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की 9 टीमों को बाढ़ प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है।

प्रदेश में गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और शारदा सहित कई नदियां विभिन्न जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को फसलों के नुकसान का शीघ्र सर्वेक्षण करने और किसानों को मुआवजा देने में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।