चोरी की लग्जरी गाडिय़ों के खेल में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चोरी की गई लग्जरी गाडिय़ों को ना केवल हरियाणा, बल्कि नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भी बेचा गया है। नागालैंड में करीब 100 से अधिक लग्जरी गाडिय़ां भेजी गई। खास बात यह है कि गिरोह ने इतनी सफाई से यह काम किया कि पुलिस को भी भनक तक नहीं लग गई। जिन गाडिय़ों की डिमांड हरियाणा में नहीं होती थी, उन गाडिय़ों की फर्जी तरीके से आरसी तैयार कराई गई है। इसके कुछ दिन बाद ही तुरंत उस गाड़ी की एनओसी अप्लाई कर दी जाती थी।

एनओसी के मिलते ही गाड़ी को नागालैंड और अरुणाचल में भेज दी जाती है। गिरोह के मुख्य आरोपित अमित से रिमांड पर हुई पूछताछ के बाद यह जानकारी सामने आई है। एसटीएफ इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि आरोपित अमित 2018 से इस धंधे में लगा हुआ है। जिसके गिरोह में करीब 15 सदस्य है। जो अभी तक करीब 400 लग्जरी गाडिय़ों का खेल कर चुके हैं। सबसे अधिक गाडिय़ां हरियाणा से चोरी की जाती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली के भी कई लोग इसमें जुड़े हुए हैं। जो वहां से गाडिय़ां चोरी कर यहां पर लेकर आते थे। जिसके बाद फर्जी तरीके से आरसी बनवाकर गाडिय़ों को इधर-उधर बेचा जाता था। 

पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य नागालैंड में भी है। नागालैंड में गाड़ी पहुंचने के बाद आगे की जिम्मेदारी गिरोह के दूसरे सदस्य की रहती थी, जो नागालैंड का ही रहने वाला है। वह गाड़ी का ग्राहक पहले से ही तैयार रखता था और कुछ दिन बाद ही गाड़ी को बेचकर आपस में रकम बांट ली जाती थी। एसटीएफ ने नागालैंड पुलिस को भी सूचना दे दी है। 

मामला 

तीन जून को गुरुग्राम एसटीएफ ने चरखी दादरी के प्रेम नगर निवासी प्रवीण को स्कार्पियो गाड़ी के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि वह गाड़ी चोरी की है, जिसका महम एसडीएम कार्यालय में फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन कर आरसी बनवाई गई थी। इसके बाद महम एसडीएम कार्यालय के कर्मचारी रोहतक के रेवेन्यू कालोनी निवासी अनिल कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर कृष्ण कुमार और ऑपरेटर सोमबीर को गिरफ्तार किया था। वहीं आरोपित सैमाण गांव निवासी टाइपिस्ट रमेश बामल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपित महम निवासी अमित और सीसरखास गांव निवासी रमेश ने 17 गाडिय़ों के साथ चंडीगढ़ में जाकर सरेंडर कर दिया था। अब आरोपित अमित को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले में अभी तक एसटीएफ 22 गाडिय़ां बरामद कर चुकी है।