नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जम्मू-कश्मीर को विश्व के नक्शे में पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) का हिस्सा बताया है। ऐसा डब्ल्यूएचओ ने अपने कोरोना पैम में दिखाया है। जिसके बाद हंगामा मच गया है। इस मामले पर भारत सरकार ने WHO के समक्ष ऐतराज जताया है और संसद में बयान भी दिया है। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि हमने इस मुद्दे को WHO के सामने उठाया और अपना ऐतराज जताया। 

हालांकि भारत के ऐतराज जताने के बाद WHO ने डिस्क्लेमर जारी किया है। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, 'WHO की वेबसाइट पर भारत के नक्शे के गलत चित्रण का मुद्दा WHO के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया गया। जवाब में, WHO ने जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन को सूचित किया कि उन्होंने पोर्टल पर एक डिस्क्लेमर डाल दिया है।' मंत्री ने कहा कि भारत सरकार हमेशा से अपनी सीमाओं को लेकर स्पष्ट रही है और WHO भी सीमाओं के सही चित्रण पर भारत सरकार की स्थिति को स्पष्ट रूप से दोहराता है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को इस बारे में जानकारी दी थी। साथ ही गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय को भी इस बारे में पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था। 

टीएमसी के राज्यसभा सांसद डॉ शांतनु सेन (Dr Santanu Sen) ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना (Coronavirus Pandemic) से संबंधित जो साइट (WHOCovid19।int) है उसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) को पाकिस्तान (Pakistan) और चीन (China) का हिस्सा बताया है। जो एक गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बड़े भू-भाग को पाकिस्तान में, जबकि छोटा भू-भाग को चीन में बताया गया है। इतना ही नहीं, साथ ही उन्होंने कहा है कि भारत के नक्शे में भी अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के कुछ हिस्से को भी अलग दिखाया गया है। इस मामले में डॉ. सेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी में डॉ शांतनु सेन ने लिखा है कि कोरोना का डाटा देखने के लिए उन्होंने डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट (whocovid19.int) खोली तो भारत के नक्शे को देखने पर वह दंग रह गए। उन्होंने देखा कि नीले रंग के मैप में जम्मू-कश्मीर को अलग-अलग रंगों में दर्शाया गया है। उन्होंने उस नीले नक्शे पर क्लिक किया, तो देखा कि उसमें हमारे देश के कोरोनावायरस संक्रमण के आंकड़े हैं।

डॉ शांतनु सेन ने इसे गंभीर मामला बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की ओर से ऐसी गलती पर सरकार को संज्ञान लेने को कहा। साथ ही डब्ल्यूएचओ से ये भी पूछने को कहा कि उसने इतनी गंभीर चूक कैसे की।