ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश की सियांग नदी का पानी मटमैला हो गया है, जो चीन के ऊपरी हिस्से में संभावित निर्माण गतिविधि का संकेत है, जिससे सीमावर्ती राज्य में लोग चिंतित हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ईस्ट सियांग जिला के मुख्यालय पासीघाट में अधिकारियों के अनुसार, नदी के पानी का रंग बदल गया है और तीन दिन पहले यह मटमैला हो गया। ईस्ट सियांग के उपायुक्त (डीसी) तयी तग्गू ने कहा, 'पानी में गाद बह रही है, जो अप्राकृतिक है क्योंकि इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई है। हम जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मदद से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।' सियांग नदी राज्य में मुख्य जलस्रोत है।

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तग्गू ने कहा कि इस नदी को चीन में यारलूंग सांगपो कहते हैं और हो सकता है कि वहां (चीन में) किसी प्रकार की मिट्टी कटाई का काम हो रहा हो। डीसी ने कहा, 'ऐसा प्रतीत होता है कि चीन से निकलने वाली नदी के ऊपर कुछ निर्माण गतिविधियां हो रही हैं। ऊपरी क्षेत्रों में भूस्खलन भी इसका कारण हो सकता है।' मछुआरें और खेती के लिए नदी पर आश्रित स्थानीय लोग सियांग नदी के पानी का रंग बदलने से चिंतित हैं।

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पासीघाट के एक स्थानीय निवासी मिगोम पर्टिन ने कहा, 'पानी में भारी गाद से जलीय जीव मर सकते हैं। किसान भी नदी से पानी लेते हैं। हमारे मवेशी भी नदी का पानी पीते हैं। हमें चिंता है कि इससे हमारे दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है।' इससे पहले भी नदी का पानी कई बार मटमैला हो चुका है।