केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा से लगे तवांग जिले में नागरिक-सैन्य सौहार्द की सराहना की और इसे देश के लिए एक उदाहरण बताया। भट्ट ने तवांग में कहा कि जहां कहीं भी भारतीय सेना है, वहां जवान हमेशा आम नागरिकों के साथ अच्छे संबंध रखते हैं और जरूरत पड़ने पर मदद का हाथ बढ़ाते हैं। भट्ट ने तवांग युद्ध स्मारक में स्वर्णिम विजय मशाल (विजय मशाल) भी थामी। पिछले साल नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की 50वीं वर्षगांठ समारोह की शुरुआत के तौर पर इसे प्रज्वलित किया था।

जिला प्रशासन की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा क‍ि स्थानीय आबादी और सेना मिलकर पुष्प का एक सुंदर गुलदस्ता बनाते हैं और उन्हें विकास से जुड़ी प्रक्रिया में एक दूसरे से सहयोग करना चाहिए। भट्ट ने दिन में जिले में अग्रिम इलाकों में सेना के जवानों से बातचीत भी की और कहा कि इस प्रकार के इलाकों में तैनात जवानों में गजब का जोश होता है।

बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जवानों से कहा क‍ि आपको देश की सेवा करने के लिए तैयार रहना चाहिए और देश का भविष्य आपके कंधे पर है। भट्ट ने एनसीसी कैडेटों को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इससे पहले मंत्री ने जसवंत गढ़ और बुमला में 1962 के भारत-चीन संघर्ष के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और बाद में विश्व प्रसिद्ध तवांग मठ का दौरा किया।

तवांग से विधायक शीरिंग ताशी ने भट्ट और पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) को जिले में सैन्य प्रतिष्ठान के लिए संयुक्त भूमि पुनर्मूल्यांकन की जानकारी दी। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने मंगलवार को भारतीय सेना को बधाई दी। खांडू ने 5 माउंटेन डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल जुबिन ए मिनवाला से विजय मशाल प्राप्त की।