ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को संक्षिप्त चर्चा के बाद दो अहम विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 'अरुणाचल प्रदेश सिविल कोर्ट (संशोधन) विधेयक, 2022Ó को पारित करने के लिए कहा कि यह उपायुक्तों को लंबित अपीलों को न्यायालयों में स्थानांतरित करने में सक्षम करेगा। ये अपील सिविल जज जूनियर डिवीजन, सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालयों के अलावा अतिरिक्त जिला न्यायाधीश और जिला न्यायाधीश के न्यायालयों में उनके क्षेत्रीय और आर्थिक क्षेत्राधिकार के अनुसार स्थानांतरित किये जा सकेंगे। 

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खांडू के पास कानून, विधायी और न्याय विभाग का भी पदभार है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक पारित होने पर ग्राम प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के बीच स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मामलों को निपटान के लिए ग्राम प्राधिकरण को वापस भेजने में मददगार साबित होगा। यह अंतर-ग्राम प्रथागत न्यायालय या शीर्ष प्रथागत न्यायालय, चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए, यदि मामले के पक्षकार सहमत होते हैं, सीधे नियमित अदालतों से संपर्क किए बिना, ग्राम प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश से अपील को निपटाने में सक्षम होंगे। 

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खांडू ने कहा कि इससे नियमित अदालतों का काम का बोझ कम होगा तथा उपायुक्त और सहायक आयुक्त व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ग्राम प्राधिकरण द्वारा पारित आदेश या आदेश को लागू करने एवं लागू करने में सक्षम होंगे। एक अन्य विधेयक 'अरुणाचल प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (पहला संशोधन) विधेयक, 2022' था, जिसे उपमुख्यमंत्री और कर, उत्पाद शुल्क और नारकोटिक्स प्रभारी मंत्री द्वारा पेश किया गया था। यह विधेयक प्रशासन को जीएसटी के तहत कर को बेहतर और कुशल तरीके से एकत्र करने में मदद करेगा।