चिकित्सा शिक्षा निदेशक (Director of Medical Education) (डीएमई) के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र (fake appointment letters) जारी करने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनका तीसरा साथी अभी फरार है। पकड़े गए दो आरोपियों की पहचान संगीता बंसल (Sangeeta Bansal ) और जोगेन सैकिया (Jogen Saikia) के रूप में हुई है। वहीं ताव पेरी अभी फरार है। संगीता बंसल स्वास्थ्य सेवा निदेशालय में यूडीसी भी हैं। तीनों ने कथित तौर पर पैसे के एवज में उम्मीदवारों को नौकरी देने का वादा किया था।

बता दें कि जनवरी महीने में डीएमई ने नाहरलाुगन पुलिस थाने (Naharlagun police) में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी मुहर और जाली हस्ताक्षर के साथ फर्जी नियुक्ति पत्र (fake appointment letters) जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद नाहरलगुन थाने में धारा 120-बी/419/420/468/471 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया। इस जांच दल में नाहरलागुन एसडीपीओ डी गुमजा, आईपीएस (पी) अनुराग द्विवेदी, इंस्पेक्टर के यांगफो, इंस्पेक्टर टी टासो, एसआई एसएस झा, एसआई आरके झा, सीटी संदीप और एल/सीटी सुमन्या की टीम ने बंसल और सैकिया को गिरफ्तार किया। 

तलाशी के दौरान पुलिस को संगीता बंसल (Sangeeta Bansal ) के घर से फर्जी नियुक्ति पत्रों पर मुहर सहित आपत्तिजनक चीजें मिली। हालांकि तब तक वह दिल्ली भाग गई थी। पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने दिल्ली पहुंची, लेकिन वह उसी दिन राजधानी ट्रेन सेवा से बिहार निकल गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना के लिए उड़ान भरी और राजधानी ट्रेन को रोका और आरोपी बंसल को पटना के हाजीपुर स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। सैकिया को असम के गोफूर से गिरफ्तार किया गया था और तीसरे आरोपी पेरी की तलाश अभी भी जारी है।