अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाओ के बचाव अभियान के क्रम में रविवार को दो हैलिकॉप्टर आर्मी कैंप से उड़े और उन्होंने दोनों लापता पर्वतारोहियों की खोज की। दोनों पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से लापता हैं। इन खोजी दस्ते में एक में सेना के जवान थे, जबकि दूसरे में एक पर्तवारोही शामिल था। 

ये भी पढ़ेंः  अब और अधिक शक्तिशाली होंगे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग

दूसरा हैलिकॉप्टर कैंप-2 तक पहुंचा और लापता पर्वतारोहियों की करीब 40 मिनट तक खोजबीन की। खोजबीन में कैंप-1 और कैंप-2 के टैंट दिखाई दिए। कैंप-1 से कैंप-2 के बीच का पैदल ट्रैक भी दिखाई दिया। कैंप-2 से 15 से 20 मीटर की दक्षिण की तरफ पैदल ट्रैक दिखाई दिया। यह जानकारी रविवार को एडीसी और इस मिशन के प्रभारी राजीव ने बताया कि शाम को टीम लौट आई। उन्होंने कहा कि इतना कुछ होने के बावजूद भी किसी मानव निशान दिखाई दिए।

उन्होंने बताया कि वहां पर काफी समय खोजबीन करने का बाद जब मौसम खराब होने लगा तो दोनों ही हैलिकॉप्टर सेना मुख्यालय लौट आए। उन्होंने बताया कि कल मौसम ठीक होने पर फिर से खोजबीन का काम शुरू करेंगे।

ये भी पढ़ेंः  ज्ञानवापी मामले में सबसे बड़ा फैसला आज: वाराणसी जिला जज की अदालत पर टिकीं निगाहें, अलर्ट मोड पर यूपी पुलिस

उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह भी सेना का हैलिकॉप्टर असम के मिसामारी आर्मी कैंप से उड़े थे। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घने बादल और दृश्यता की कमी के चलते बचाव दल को जल्द वापस लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थे।