अरुणाचल प्रदेश के तवांग से तकरीबन दो से तीन घंटे की ड्राइव में, आप प्राकृतिक सुंदरता से भरे मंत्रमुग्ध स्थान तक खुद को पहुँचा सकते हैं। ये जगह सांगतेसर झील के नाम से काफी प्रसिद्ध है।

ये झील 1973 के भूकंप के परिणामस्वरूप बनाई गई थी। झील का मार्ग जेमिथांग से शुरू होता है और इसमें 52 हेयरपिन हैं। झील के बीच में पेड़ हैं। सर्दियों के दौरान, सांगतेसर झील जम जाती है और नारंगी-नीले, साथ ही बर्फीले सतह पर चमकदार सूरज, झील को देखने का मजा दोगुना कर देती हैं। ये नजदीकी शहर, तवांग से तकरीबन 30 किमी दूर स्थित है। झील समुद्र तल से 3,708 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पर्यटक इस झील तक पहुंचने के लिए तवांग से गाड़ियों के जरिए जा सकते हैं। यहां फूड स्टॉल के साथ झील के करीब एक छोटा पार्किंग बेस भी है।

इस झील को मूल रूप से सांगतेसर झील कहा जाता है, लेकिन कभी इसे माधुरी झील के नाम से जाना जाता था। आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसा कैसे हो सकता है। खैर, 90 के दशक में, बॉलीवुड फिल्म ‘कोयला’ का एक गाना, जिसमें शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित ने झील के पास शूटिंग की थी। ये गाना इतना फेमस हो गया कि झील का नाम ही माधुरी झील रख दिया गया। इस नाम की वजह से लोग अक्सर यहां घूमने और इस जगह को एक्सप्लोर करने आते हैं।

झील का रास्ता इतना आसान नहीं है। यहां पहुंचने के लिए आपको 50 प्लस हेयरपिन जैसी मोड़ वाली सड़कें हैं। तवांग स्थित जिला आयुक्त (डीसी) कार्यालय से इस झील पर जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी होती है। किसी भी विदेशी को झील स्थल पर जाने की अनुमति नहीं है।

तवांग से सांगतेसर झील तक पहुंचने में तकरीबन दो से साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। पर्यटक बर्फ से ढंके पहाड़ों, ग्लेशियरों, जल निकायों को देख सकते हैं।

सांगतेसर या माधुरी झील जाने पर ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी ले जाना बेहतर है। यहां जाने के लिए सुबह 7:30 या 8:00 बजे से अपनी यात्रा आप शुरू कर सकते हैं। भारी भीड़ से बचने के लिए जुलाई के आस-पास अपनी यात्रा की योजना बनाने की कोशिश करें।

झील के पास एक सेना का कैंप है जिसमें पर्यटकों को बेहद सस्ती कीमत पर दस्ताने, जूते, जैकेट आदि मिलते हैं। भारतीय सेना के जरिए लोगों में ताजगी बनाए रखने और उन्हें चलाने का काम किया जाता है, वो पर्यटकों को गर्म चाय / कॉफी, मैगी और दूसरे अन्य स्नैक्स भी देते हैं।