हिमालयी बौद्ध नेताओं ने अरुणाचल प्रदेश में 17 अप्रैल को नालंदा बौद्ध परंपरा पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी ज़ेमिथांग में गोरसम स्तूप में राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए। 

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अरुणाचल प्रदेश में 11 स्थानों के नामों को मानकीकृत करने के चीन के प्रयास के बीच यह एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में श्रद्धेय रिनपोछे, गेहेस, खेनपोस और विभिन्न राज्यों के विद्वानों के 45 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों जैसे तूतिंग, मेचुका, ताकसिंग और अनिनी के 35 प्रतिनिधियों ने भी सम्मेलन में भाग लिया। निस्संदेह, यह सम्मेलन बीजिंग को एक कड़ा संदेश देगा जो अपनी नापाक कोशिशों के साथ जारी है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश की विविधता और सामरिक महत्व के बारे में बात की।