अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में भारतीय सीमा (indian border) के भीतर चीन का गांव बस जाने संबंधित अमेरिकी रक्षा विभाग (US Defense Department) के दावे को सीडीएस बिपिन रावत (CDS General Bipin Rawat) ने खारिज किया है। रावत ने दो टूक कहा है कि हमारी सीमा कहां तक है यह हमें खूब पता है, हमारी सीमा में कोई गांव नहीं बसा है। अमेरिकी दावे के अनुसार, चीन ने अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में एक बहुत बड़ा गांव बनाने के साथ सेना की चौकी भी बना ली है।

उन्होंने कहा कि हमारी सीमा का पता सिर्फ हमें है और हम अपनी सीमा की पूरी तरह देखभाल कर रहे हैं, हमने किसी को भी भारतीय सीमा में नहीं बसने दिया है। रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज करते हुए जनरल रावत (Rawat) ने कहा कि कहा कि उत्तर से लेकर दक्षिण तक, और  पूर्व से लेकर पश्चिम तक भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा की पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत की ओर से बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेषतौर से फोकस किया जा रहा है। 

चीन के विरोध के बावजूद भी लद्दाख-अरुणाचल प्रदेश की सीमांत एरिया (Ladakh-Arunachal Pradesh Frontier Area) में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। रावत ने कहा कि किसी गतिरोध से निपटने के लिए एलएसी में हजारों की संख्या में भारतीय सैनिक तैनात हैं। कहा कि चाहे चीन हो या और कोई पड़ोसी देश, भारत किसी भी पड़ोसी देश के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कोई विवाद नहीं चाहता है।

लेकिन, किसी भी पड़ोसी देश की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन करने पर भारत पलटवार करने में बिलकुल भी पीछे नहीं हटेगा। जनरल रावत ने कहा कि बॉर्डर पर सेना के जवान चौबीसों घंटे मुस्तैदी से तैनात हैं। मंगलवार को उत्तराखंड स्थापना दिवस पर राजभवन पहुंचे सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि उत्तराखंड में बाड़ाहोती बॉर्डर पर भारतीय सैनिक (indian army) चौबीसों घंटे तैनाती हैं।

चीनी सैनिकों की ओर से बाड़ाहोती में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर उल्लंघन की बातों पर विराम लगाते हुए जनरल रावत (General rawat) ने कहा दोनों देशों के सैनिक हमेशा बॉर्डर पर गश्त करते रहते हैं। उत्तराखंड के बाड़ाहोती में बीच बीच में चीनी सीमा के घुसपैठ की खबरों को भी खारिज करते हुए जनरल रावत ने कहा कि बाड़ाहोती ही नहीं लद्दाख और अरुणाचल में भी कई जगह चीन और भारत सीमा क्षेत्र को अपना- अपना दावा जताते हैं।

इसलिए जहां तक वो अपनी सीमा मानते हैं, वो चले आते हैं। अक्सर हम भी अपनी सीमा की निगरानी के लिए जाते हैं। लेकिन उनके आने की तो खबर बन जाती है, लेकिन हमारी कोई रिपोर्ट नहीं करता। युवाओं को सैनिकों में भेजने के लिए उत्तराखंड में भर्ती सेंटर खोले जाने पर जनरल रावत ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही कई सेंटर संचालित हो रहे हैं, ऐसे में एक और भर्ती सेंटर खोलने की कोई आवश्यकता नहीं है।  

जनरल रावत ने उत्तराखंड में भारत-चीन बॉर्डर पर हो रहे पलायन पर भी चिंता जताई। कहा कि बॉर्डर इलाकों में पलायन एक गंभीर समस्या है, जिसका हल निकालना करना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय हित के लिए पलायन होना बेहद खतरनाक साबात हो सकता है। सीमांत क्षेत्रों में बिजली, सड़क आदि बुनि