नेशनलिस्ट पीपुल्स पार्टी (NPP) की अरुणाचल प्रदेश इकाई ने नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षा बलों द्वारा 13 नागरिकों की हत्या (Nagaland killings) की निंदा करते हुए विवादास्पद सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (AFSPA) को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
NPP के राज्य पार्टी अध्यक्ष मुत्चू मीठी (Mutchu Mithi) ने एक बयान में कहा कि "नागालैंड के मोन जिले के ओटिंग गांव के पास सुरक्षा बलों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में 13 निर्दोष निहत्थे नागरिकों की हत्या की घटना एक नृशंस, हृदय विदारक तस्वीर पेश करती है।"
इन्होंने कहा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए, पार्टी ने मांग की कि दोषियों को तुरंत न्याय के कटघरे में लाया जाए। मीठी (Mutchu Mithi) ने कहा, "यह इस बात की कड़ी याद दिलाता है कि कैसे सशस्त्र बलों ने उत्तर पूर्व के नागरिकों पर प्रणालीगत व्यापक आतंक के शासन को लागू करने के लिए एक दमनकारी उपकरण के रूप में अफस्पा का दुरुपयोग किया है, हर शांति प्रक्रिया को बाधित किया है। AFSPA को निरस्त किया जाना चाहिए।"
इस बीच, तिरप चांगलांग लॉन्गिंग पीपुल्स फोरम (TCLPF) ने भी नागालैंड में निर्दोष नागरिकों को मारने के लिए सुरक्षा बलों की निंदा की। फोरम ने एक विज्ञप्ति में कहा, "जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए और कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।"
इन्होंने केंद्र से अतिरिक्त प्रतिपूरक उपाय करने के अलावा पीड़ितों के परिजनों को अनुग्रह राशि प्रदान करने की अपील की। मंच के सदस्यों और तीनों जिलों के लोगों ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।