44वीं शतरंज ओलंपियाड मशाल रिले गुरुवार को ग्रैंडमास्टर मित्राभा गुहा के साथ नामसाई जिले में मशाल वाहक के रूप में पहुंची। उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने औपचारिक रूप से गुहा से मशाल प्राप्त की और आगे की यात्रा के लिए उसे फिर से सौंप दिया।



मीन ने जानकारी दी कि "यह भारत के लिए भी एक महान क्षण है क्योंकि हमें

44 वें शतरंज ओलंपियाड 2022 की मेजबानी करने का सौभाग्य मिला है, जो पहली

बार महाबलीपुरम, चेन्नई में 28 जुलाई से 10 अगस्त तक आयोजित होने जा रहा

है," ।

मशाल रैली देश भर के 75 शहरों को कवर करेगी और ओलंपियाड मशाल प्राप्त करने के लिए नामसाई ईटानगर के बाद दूसरा स्थान है। उत्साहित मीन ने कहा कि वह नामसाई जिले में पहली बार आयोजित होने वाले पहले शतरंज ओलंपियाड खेल का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं।

चौना मीन ने कहा कि "शतरंज एक अनुशासित दिमाग का खेल है जो बच्चों में तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमताओं के विकास के लिए फायदेमंद है। शतरंज छोटे बच्चों को नशीली दवाओं की लत, मोबाइल गेम की लत, शराब आदि की बुराइयों से दूर रहने में मदद कर सकता है। "


DCM ने राज्य में शतरंज को बढ़ावा देने में अरुणाचल प्रदेश शतरंज संघ के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनका मानना ​​है कि अरुणाचल प्रसिद्ध शतरंज खिलाड़ी तैयार करेगा।