अरुणाचल प्रदेश में आए हिमस्खलन में मारे गए सेना के सात जवानों के पार्थिव शरीर को शनिवार को असम के सोनितपुर जिले के तेजपुर वायु सेना स्टेशन से उनके पैतृक स्थानों पर भेज दिया गया। सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल रविन खोसला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पांजलि समारोह में अंतिम श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने बताया कि समारोह के बाद शवों को जम्मू-कश्मीर के अखनूर, कठुआ और खुर, पंजाब के बटाला और धारकलां और हिमाचल प्रदेश के बाजीनाथ, कांगड़ा और घमारवीं में जवानों के पैतृक स्थानों पर भेजा गया। बता दें कि हवलदार जुगल किशोर, गनर (टीए) गुरबाज सिंह और राइफलमैन अरुण कट्टल, अक्षय पठानिया, विशाल शर्मा, राकेश सिंह और अंकेश भारद्वाज एक गश्ती दल का हिस्सा थे, जो अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में एक ऊंचाई वाले इलाके में आए हिमस्खलन में शहीद हो गए थे। 

आपको बता दें कि इससे पहले अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य के ऊंचाई वाले कामेंग सेक्टर में आए हिमस्खलन में अपनी जान गंवाने वाले सात सैन्य कर्मियों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपनी जान गंवाने वाले 7 बहादुर सैनिकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से प्रत्येक को 4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में आए हिमस्खलन में लापता होने वाले सेना के सात जवानों ने अपनी जान गंवा दी थी। सेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सभी जवान शहीद हो गए हैं। बता दें कि बता दें कि ये जवान रविवार को कामेंग क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों में गश्त कर रहे थे। इस दौरान आए हिमस्खलन में सात जवान फंस गए थे। बता दें कि हिमस्खलन में फंसने के बाद सेना ने जवानों के खोज और बचाव के लिए अभियान चलाया था। सेना ने अपने अभियान के तहत इन जवानों को खोज निकाला लेकिन तब तक सभी शहीद हो गए थे।