Marua अरूणाचल प्रदेश में घर में बनाई जाने वाली है एक फेमस डिश है जिसको एल्कोहल की श्रेणी में रखा जाता है। इसका सेवन यहां के लोग खूब करते हैं। अरुणाचल प्रदेश के बहुत प्रसिद्ध व्यंजनों में शुमार मारुआ शराब को बाजरे से बनाया जाता है। यह एक आम पेय है जिसको अरुणाचल के लोग मौकों पर खूब पीना पसंद करते हैं।

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इस अल्कोहल को पेय के तौर पर अरुणाचल प्रदेश समेत असम में जनजातियों के लोग के खूब इस्तेमाल करते हैं। घर पर बनने वाली इस शराब को अरुणाचल प्रदेश और असम में विभिन्न जनजातियों में विभिन्न नामों से जाना जाता है।


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अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय जनजातीय वाले न्याशी लोग इस शराब को स्थानीय पेय के तौर पर परोसते हैं। Nyishi लोग हर बार जब भी पीते हैं, आत्माओं (wiyu) को पेय की कुछ बूंदों को जमीन पर गिराते हैं। इसके अलावा बिहू, न्योकुम, द्री, सोलुंग, मोपिन अली ऐ लिगंगम, एनएमई-दम्मे, और 'नो-खुआ और नो भीरी' जैसे वार्षिक कृषि कार्यक्रमों के त्योहार के दौरान भी मारूआ शराब पी जाती है।


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आपको बता दें कि मारूआ शराब को दुकानों में वितरित नहीं किया जाता है, क्योंकि एक एक परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। मारूआ शराब को सांस्कृतिक ज्ञान के एक टुकड़े की तरह पीढ़ियों के माध्यम से शेयर किया जाता है। मारूआ को आमतौर पर घरों में बनाया जाता है तथा चावल और चटनी के साथ भी परोसा जाता है।