शाहरुख खान (Shahrukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) पर लगे ड्रग्स मिलने के आरोपों के मामले ने अब पूरी तरह से सियासी रंग ले लिया है। मामले में कई मोड़ आ गए हैं, जिससे ये केस अब आर्यन खान या ड्रग्स (Aryan Khan Drugs Case) तक सीमित नहीं रहा है। एनसीबी के डायरेक्टर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) पर भी कई तरह के आरोप लग गए हैं। इसके लिए मुंबई पुलिस ने एक जांच समिति भी गठित कर दी है। वानखेड़े के खिलाफ चार पुलिस थानों में शिकायत है। इस बीच शिवसेना ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। 

शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि अगर कोई महाराष्ट्र सरकार पर उंगली उठाता है तो वे (केंद्र सरकार) जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दे देते हैं। इस फोर्स का इस्तेमाल यहां करने की बजाय केंद्र सरकार कश्मीर और अरुणाचल में भेजे, जहाँ ज़रूरत भी है। महाराष्ट्र (Maharashtra News) पूरी तरह से सुरक्षित है।

समीर वानखेड़े पर लगे आरोपों को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि अगर किसी को सुरक्षा मिल जाये तो उससे पूछताछ नहीं की जा सकती है। जांच होगी। शिवसेना नेता ने कहा कि सबको इस तरह से सुरक्षा देने की बजाय इस फोर्स को कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में भेजना चाहिए। 

बता दें कि आर्यन खान को पकड़ने वाले एनसीबी के डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक गलत तरीके से काम करने और अपनी शक्तियों का दुरूपयोग करने का आरोप लगा चुके हैं। समीर की शादी को लेकर भी निशाना साधा गया है। समीर पर आर्यन खान मामले के एक गवाह ने आरोप लगाया था कि आर्यन खान को छोड़ने के लिए शाहरुख़ खान से 25 करोड़ रुपए मांगे गए थे। इसमें से आठ करोड़ रुपए समीर वानखेड़े को मिलने वाले थे। गवाह ने एनसीबी पर ये भी आरोप लगाया था कि उसे जबरन गवाह बनाया गया और कई खाली कागजों पर दस्तखत कराए गए थे, जबकि जहाँ से आर्यन खान को पकड़ा गया वहाँ वह मौजूद ही नहीं था।