केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि उनका एकमात्र लक्ष्य है कि भारत 2028 ओलंपिक खेलों में टॉप-10 में फिनिश करे। रिजिजू ने कहा कि अगले साल होने टोक्यो ओलम्पिक भारतीय एथलीट रियो ओलम्पिक के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। भारत ने 2016 में पिछले रियो ओलम्पिक में एक रजत और एक कांस्य पदक सहित मात्र दो पदक जीते थे, जबकि इससे पहले लंदन ओलम्पिक में भारत ने दो रजत और चार कांस्य सहित छह पदक जीते थे। 

टोक्यो ओलम्पिक इस साल 24 जुलाई से होने थे, लेकिन कोरोना वायरस के कारण ओलम्पिक को अगले साल जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। खेल मंत्री ने कहा, अगले साल टोक्यो में रियो ओलम्पिक से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए हमारे एथलीट तैयार हैं। अगले साल के ओलंपिक खेलों को देखते हुए अब भारतीय खेल प्राधिकरण की भारत के एलीट एथलीटों की ट्रेनिंग पर खास नजर रहेगी। रिजिजू पिछले कुछ हफ्तों से एथलीटों से लगातार बातचीत कर रहे हैं और वे यह जानने की कोशिश भी कर रहे है कि कोरोना के बाद के समय में एथलीट अपनी ट्रेनिंग को लेकर किस तरह की अलग तैयारी करने का योजना बना रहे हैं। 

रिजिजू ने कहा, निशानेबाजी, मुक्केबाजी, फ्रीस्टाइल कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेलों में भारत दुनिया के किसी भी देश से टक्कर लेने के लिए सक्षम है। खेल मंत्री का मानना है कि जूनियर स्तर पर टैलेंट स्काउटिंग की और भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिर्फ सीनियर स्तर के एथलीटों पर ध्यान देने से भारतीय खेल आगे नहीं बढ़ेगा, नई प्रतिभाओं को ढूंढने के लिए जूनियर स्तर पर टैलेंट स्काउटिंग को जारी रखना होगा, यही सबसे महत्वपूर्ण है। अपने लक्ष्य को खेल मंत्री ने कहा, 2028 में भारत को ओलंपिक खेलों में टॉप 10 फिनिश करना है, फिलहाल यही लक्ष्य लेकर मैं आगे बढ़ रहा हूं।