LAC में ना सिर्फ़ भारत ने अपने सर्विलांस, लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया है बल्कि अपने रॉकेट फ़ॉर्सेज़ पर भी तेज़ी से काम किया है। अरुणाचल प्रदेश और असम के बॉर्डर पर भारत ने पिनाका और स्मर्च रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं जिन्हें कुछ ही समय में lAC पर तैनात किया जा सकता है।

पिनाका रॉकेट लॉन्चर स्वदेशी है तो स्मर्च रूस से लिया गया है। पिनाका की एक बैटरी में 6 फ़ायरिंग यूनिट यानी लॉन्चर होती है और एक लॉन्चर में 12 ट्यूब होती है यानी की एक बैटरी में कुल मिलाकर 72 रॉकेट होते हैं और महज़ 44 सैंकेड ये सारे रॉकेट लॉन्च हो जाते हैं। लॉन्चिंग के तुरंत बाद से लॉन्चर अपना लोकेशन बदलते हैं और फिर दोबारा से आर्मड हो जाते हैं। पिनाका की मारक क्षमता 38 किलोमीटर है और एक साथ पूरी बैटरी दागने पर दुश्मन के 1000 गुना 800 मीटर के इलाक़े को पूरी तरह से तहस नहस कर सकता है।

स्मर्च भारतीय आर्टेलरी रेजिमेंट में सबसे लंबी मार करने वाले रॉकेट लॉन्चर है। इसकी मारक क्षमता है 90 किलोमीट की है। इसकी एक बैटरी में चार लॉन्चर होते हैं और हर लॉन्चर में 12 ट्यूब है यानी की एक बैटरी में 48 राकेट है और ये सारे रॉकेट महज़ 40 सैंकेंड में दुश्मन पर टूटने के लिए ट्यूब से निकल जाएंगे और स्मर्च की एक बैटरी दुश्मन के 1200 मीटर गुणा 1200 मीटर के इलाक़े में तैनात दुश्मन के किसी भी इंस्टॉलेशन को ज़मींदोज़ कर सकते हैं।

वैसे तो रॉकेट लॉन्चर भारतीय सेना की आर्टेलरी रेजिमेंट की हिस्सा है लेकिन जल्द ही भारतीय सेना अपनी खुद की रॉकेट फ़ोर्स तैयार करने को लेकर काम कर रही है। खुद सीडीएस जन बिपिन रावत ने इस मामले पर बात की थी। भारतीय सेना आधुनिकता के दौर से गुजर रही है। भारतीय सेना के तीनों अंगों को थियेटरों में बांटकर एकजुट किया जा रहा है और उसी के मद्देनज़र आने वाले दिन में भारतीय सेना की खुद की रॉकेट फ़ोर्स होगी जो कि चीन और पाकिस्तान के लिए किसी काल से कम नहीं होगी।