विमानन कंपनियों का झुकाव HAL (हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड) के डोर्नियर विमानों की ओर बढ़ा है। डोर्नियर विमानों का civil version हर परिस्थिति में उड़ान भरने में सक्षम है। इसे देखते हुए विमानन कंपनियां जल्द ही एचएएल से करार कर सकती हैं। एचएएल भी कंपनियों के संपर्क में है।

एचएएल ने डोर्नियर विमान डीओ-228 का सिविल वर्जन तैयार किया है, जो हर स्थिति में उड़ान भरने में सक्षम है। एचएएल ने हाल ही में मारीशस सरकार को एक विमान देने के लिए करार किया है, जबकि दो विमान लीज पर देने को अरुणाचल प्रदेश से करार किया है। एचएएल ने देश की सिविल एविएशन कंपनियों से भी करार की इच्छा जताई है। एचएएल के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, 19 सीटर इन विमानों के लिए कई विमानन कंपनियां भी संपर्क में हैं।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड ने पहला छोटा यात्री विमान तैयार किया है, जिसे खासा पंसद किया जा रहा है। मॉरशिस सरकार ने एचएएल से डोर्नियर विमान के सिविल वर्जन के लिए करार भी बीते दिनों किया था। एचएएल ने विमान भी भेज दिए हैं। एचएएल ने कानपुर में पहली बार दिसंबर 2016 में सिविल एयरक्राफ्ट का निर्माण शुरू किया था। शुरुआत में दो विमान तैयार किए थे और नासिक व पुणे में परीक्षण हुआ था।

डोर्नियर डीओ-228 मल्टीरोल यूटिलिटी एयरक्राफ्ट है, जो 19 सीटर है। यह एक बहुउद्देशीय विमान है, जो उत्तर पूर्व में संचालन के लिए उपयुक्त है। इसमें शार्ट टेकआफ और लैंडिंग, आधे तैयार रनवे से उतरने और टेक आफ करने की क्षमता है। इसे वीआइपी ट्रांसपोर्ट, पैसेंजर ट्रांसपोर्ट, एयर एंबुुलेंस, फ्लाइट इंस्पेक्शन रोल्स, क्लाउड सीडंग और पैरा जपिंग, एरियल सर्विलांस, फोटोग्राफी और कार्गो एप्लिकेशन के तौर पर उपयोग में लाया जा सकता है।