ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ. बी डी मिश्रा ने बुधवार को राजभवन में सिख रेजिमेंट की 24वीं बटालियन (24 सिख) और भारतीय सेना की 323 फील्ड रेजिमेंट को 'राज्यपाल प्रशस्ति पत्र' प्रदान किया। राज्यपाल ने 24 सिख और 323 फील्ड रेजिमेंट की सराहना उनकी विशिष्ट कार्य दक्षता, ऑपरेशन की तैयारियों में अग्रणी रहने और नागरिक प्रशासन और स्थानीय लोगों को महत्वपूर्ण मदद और सहायता करने के लिए की। 

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24 सिख रेजिमेंट की ओर से कमांडिंग ऑफिसर कर्नल कमलजीत सिंह, सूबेदार मेजर बलबीर सिंह और जूनियर मोस्ट सिपाही अत्तर सिंह ने प्रशस्ति पत्र ग्रहण किया, वहीं 323 फील्ड रेजिमेंट की ओर से कर्नल आदित्य कपूर, कमांडिंग ऑफिसर एवं कार्यवाहक सूबेदार मेजर रवि कुमार और जूनियर मोस्ट गनर सौरभ कुमार ने प्रशस्ति पत्र लिया। राज्यपाल ने भारतीय क्षेत्र में दुश्मन सैनिकों के अतिक्रमण को शुन्य रखने और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और संतुलन स्थापित करने के लिए 'द डिफेंडर्स ऑफ नमका चू' के नाम से प्रसिद्ध 24 सिख रेजिमेंट की सराहना की। 

उन्होंने बटालियन की सराहना स्थानीय लोगों के लिए कई सामाजिक कल्याण कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर और सछ्वावना रैली आयोजित करने के लिए भी की। बटालियन विजय मशाल को 'खिंजमाने' तक लेकर गया और 'स्वर्णिम विजय वर्ष' के ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जहां से 1959 में तिब्बती आध्यात्मिक नेता डाली लामा ने भारत में प्रवेश किया था। बटालियन ने'आजादी का अमृत महोत्सव' मनाने के लिए 'होली ट्री' से 'होली वाटर्स' तक मोटरसाइकिल रैली का भी आयोजन किया। 

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मिश्रा ने सीमा प्रबंधन हेतु 15,000 फुट की ऊंचाई पर तैनाती के लिए 323 फील्ड रेजिमेंट की सराहना की। उन्होंने पश्चिम अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर तैनात सैनिकों को तोप से गोलाबारी करने में सहायता प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए रेजिमेंट की सराहना की। उन्होंने तवांग में वंचित बच्चों के लिए सछ्वावना स्कूल, विद्याश्री की सहायता करने के लिए भी रेजिमेंट की सराहना की।